मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत में सहमती से निपटे 2.4 लाख मुकदमे

न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें आपसी सुलह समझौते तथा सहमती से 2,40, 829 मामले निटपाए गए। इससे पहले लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज चवन प्रकाश ने दीप प्रज्वलित कर किया।

2.4 lakh cases settled by consensus in National Lok Adalat in Muzaffarnagar
2.4 lakh cases settled by consensus in National Lok Adalat in Muzaffarnagar
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मुजफ्फरनगर। न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें आपसी सुलह समझौते तथा सहमती से 2,40, 829 मामले निटपाए गए। इससे पहले लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज चवन प्रकाश ने दीप प्रज्वलित कर किया। शुभारंभ अवसर पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है। कहा, वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं तो उनके मध्य आपसी सौहार्द बना रहता है।

लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज शक्ति सिंह ने कहा कि न्याय सबके लिए की परिकल्पना को चरितार्थ करने के लिए लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत विवादों को समझौते के माध्यम से निपटाने का एक महत्वपूर्ण मंच है तथा त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव मयंक जायसवाल ने बताया गया 2,40, 829 मामलों का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मलखान सिंह द्वारा 135 मामलों का निस्तारण करा सात करोड़ 27 लाख, 27 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सत्यानन्द उपाध्याय की अध्यक्षता में 92 प्रकरण निस्तारित किए गए और 6.32 लाख रुपये समझौता धनराशि के रूप में दिलाए गए। राजस्व अधिकारियों ने 19272 प्रकरणों का निस्तारण किया। बीएसएनएल ने 37 मामलों का निस्तारण किया। बैंक ऋण के 1267 मामले निस्तारण कराकर 11.51 करोड रुपये की धनराशि का समायोजन कराया गया। इस दौरान जिला जज ने दिव्यांगों को बैसाखी का वितरण किया। अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम जय सिंह पुंडीर समेत पुलिस-प्रशासनिक और बैंक अधिकारी मौजूद रहे।

दिव्यांगों को वितरित किये सहायक उपकरण

राष्ट्रीय लोक अदालत के पश्चात जिला जज चवन प्रकाश ने समाज कल्याण विभाग की सहायता से दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किये। उन्होंने कहा कि आशा है कि उपकरण की सहायता से दिव्यांग अपनी रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाएंगे।