बिहार में घर से निकली 4 डेड बॉडी, पिता ने दो जवान बेटों के साथ की खुदकुशी, मामला जान सिहर जाएंगे आप

4 dead bodies found outside the house in Bihar, father committed suicide along with two young sons, you will be shocked to know the whole matter
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गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले से दिल को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। जहां एक ही घर से चार लोगों की डेड बॉडी एक साथ निकली है। इस घटना के बाद जहां पूरे जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं दूसरी ओर से इस घटना के बाद प्रशासन भी सकते में है। ये घटना गोपालगंज जिले के बरौली के नवादा पंचायत के चंदन टोला गांव में घटी है। बताया जाता है कि आज शुक्रवार को एक ही परिवार के तीन लोगों ने ट्रेन के आगे कूद कर सामूहिक रूप से खुदकुशी कर ली है। जबकि इस परिवार के बेटी की मौत कल ही बीमारी से हो गई थी।

तीन लोगों ने किया सुसाइड
स्थानीय लोगों के मुताबिक बेटी की मौत से आहत पिता और उसके दो बेटों ने आज ट्रेन के सामने कूद कर खुदकुशी कर ली। इस तरह से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई है। मौत के इस मंजर को देखकर गांव में चीत्कार मच गया है। हर कोई सन्न है। जानकारी के मुताबिक मृतकों में रामसूरत महतो, उनका बेटा दीपक कुमार, सचिन कुमार और उनकी बेटी शामिल है। नवादा पंचायत के मुखिया दिलीप कुमार ने बताया कि रामसूरत महतो के पत्नी की पहले ही मौत हो गई है। उनके घर मे दो बेटे और एक बेटी थी। तीनों बच्चों में से किसी की शादी नहीं हुई थी। बेटा दीपक की शादी हाल में ही लगी थी लेकिन घर की आर्थिक स्थिति को देखकर लड़की पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया था।

लड़के की शादी बाधित
लड़का सूरत में रहकर मजदूरी करता था। बहन की बीमारी की वजह से वह हाल में ही घर वापस लौटा था। ग्रामीणों ने बताया गया कि रामसूरत महतो की बेटी पिछले कुछ दिनों से लकवा से ग्रसित थी। पूरा परिवार बेटी को बचाने के लिए उसका लगातार इलाज करा रहे थे। बेटी को बचाने के लिए लाख कोशिशों और पैसे खर्च करने के बाद भी वे अपनी बेटी की जान नहीं बचा सके। लकवा ग्रस्त बेटी की एक दिन पहले ही कल मौत हो गई थी। उसका शव के आंगन में कल से पड़ा हुआ था। इस मौत से आहत पिता रामसूरत महतो, उनके बेटे दीपक कुमार और सचिन कुमार थावे छपरा पैसेंजर के आगे लेट गए। तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन से कटकर तीन लोगों की एक साथ मौत हो गयी।

बेटी से था ज्यादा लगाव
नवादा पंचायत के मुखिया ने बताया कि रामसूरत महतो का अपनी बेटी से ज्यादा लगाव था। पिता ने पहले ही अपने पड़ोसियों से बोल दिया था कि अगर उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं रही तो पूरा परिवार भी दुनिया में नहीं रहेगा। और आज सुबह पिता अपने दोनों बेटों के साथ ट्रेन के आगे खुद कर जान दे दी। उन्होंने बताया कि रामस्वरूप महतो का घर रेलवे ट्रैक के ठीक बगल में था। इस घटना के बाद स्थानीय पड़ोसी भी हैरान हैं। उनका कहना है कि बेटी की वजह से उन्होंने पूरे परिवार को मौत के हवाले होने पर मजबूर कर दिया। कुछ लोगों का कहना है कि कुछ और बात होगी, जिसके बारे में सबको पता नहीं है। घटना के बारे में बहुत कुछ पता नहीं चल पा रहा है।