हैदराबाद से चुराई 5 करोड़ की ज्वेलरी, उत्तराखंड के रास्ते भाग रहे थे नेपाल, फिर आया कमिश्नर का फोन और…

रुद्रपुर:कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, यह बात एक बार फिर साबित हो गई. तेलंगाना के हैदराबाद से करोड़ों की ज्वेलरी चुराकर करीब 1700 किलोमीटर दूर उत्तराखंड बॉर्डर पहुंचे चोरी के आरोपी पकड़ लिए गए. तेलंगाना, उत्तराखंड और यूपी पुलिस के कोऑर्डिनेशन ने इस हाई प्रोफाइल चोरी का भंडाफोड़ करते हुए नेपाल निवासी तीन आरोपियों को पकड़ा है. तेलंगाना पुलिस आज हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले पर पूरी जानकारी देगी.

कानून के लंबे हाथों ने पकड़े चोरी के आरोपी:तेलंगाना में हुई करीब 5 करोड़ रुपये की ज्वेलरी चोरी के मामले में यूपी और उत्तराखंड पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. तेलंगाना पुलिस की सूचना पर रुद्रपुर पुलिस ने देर रात उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर चोरी की ज्वेलरी बरामद कर ली. कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं समेत एक युवक को हिरासत में लिया गया है. मामले की जांच जारी है.

हैदराबाद से चुराए गए थे 5 करोड़ के आभूषण:दरअसल हैदराबाद के एक बड़े बिजनेसमैन के घर से करीब 05 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण चोरी होने के बाद तेलंगाना के साइबराबाद पुलिस कमिश्नर डॉक्टर एम रमेश ने सोमवार 8 जून को आधी रात उधम सिंह नगर जिले के SSP अजय गणपति को सूचना दी थी. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि चोरी में शामिल नेपाली मूल के आरोपी उत्तराखंड के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में हैं.

तेलंगाना के साइबराबाद पुलिस कमिश्नर ने उत्तराखंड पुलिस को दी सूचना:सूचना मिलते ही उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के SSP अजय गणपति ने देर रात स्वयं SOG टीम के साथ मोर्चा संभाला. पुलिस टीम ने रुद्रपुर-बिलासपुर बॉर्डर पर सघन चेकिंग अभियान शुरू कराया. पूरे ऑपरेशन की निगरानी SSP अजय गणपति खुद कर रहे थे.

उत्तराखंड पुलिस ने रोडवेज बस का पीछा किया:उत्तराखंड पुलिस ने दिल्ली से यूपी के रास्ते उत्तराखंड में प्रवेश करने वाली बसों की चेकिंग शुरू की. इस दौरान यूपी पुलिस को भी सूचना दी गई. यूपी पुलिस भी सक्रिय हो गई. बस में नेपाल भागने के लिए सवार हुए नेपाली मूल के तीन आरोपियों को चिन्हित कर लिया गया. संयुक्त कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद स्थित बिलासपुर में यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर क्षेत्र में आरोपियों को दबोच लिया गया.

यूपी के बिलासपुर में पकड़े गए ज्वेलरी चुराने के आरोपी:आरोपियों के कब्जे से हैदराबाद से चोरी किए गए करोड़ों रुपये मूल्य के आभूषण भी बरामद हुए. बस उत्तर प्रदेश सीमा में रुकने के कारण बरामदगी एवं अग्रिम वैधानिक कार्रवाई बिलासपुर पुलिस द्वारा की गई. पुलिस ने दो महिलाओं और एक युवक को हिरासत में लिया है.

यूपी पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया:जानकारी के अनुसार, तेलंगाना पुलिस को सूचना मिली थी कि चोरी की वारदात में शामिल संदिग्ध नेपाली लोग एक रोडवेज बस के जरिए दिल्ली से यूपी होते हुए उत्तराखंड के रास्ते नेपाल को निकल रहे हैं. सूचना मिलते ही एसएसपी अजय गणपति पुलिस बल के साथ चेकिंग के लिए निकल पड़े.

यूपी-उत्तराखंड पुलिस का संयुक्त अभियान:इसके बाद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमा क्षेत्र में व्यापक चेकिंग अभियान शुरू कर दिया. पुलिस ने बताया कि एसएसपी अजय गणपति और उनकी टीम यूपी के रामपुर जिले में स्थित बिलासपुर पहुंच गई. यूपी पुलिस ने बिलासपुर-रामपुर मार्ग पर नारायण हॉस्पिटल के आगे संदिग्ध बस को रुकवाया.

नेपाली मूल की दो महिलाएं और एक युवक पकड़े गए:बस की तलाशी के दौरान तेलंगाना पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर दो महिलाओं और एक युवक को हिरासत में लिया गया. उनके कब्जे से करोड़ों रुपये मूल्य की चोरी की गई ज्वेलरी बरामद की गई. ये वही ज्वेलरी बताई जा रही है जिसे इन लोगों ने हैदराबाद के बिजनेसमैन के घर से चुराया था.

हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ:फिलहाल हिरासत में लिए गए तीनों लोगों से यूपी पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की इस वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा ज्वेलरी को कहां ले जाया जा रहा था. उधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि-

यह कार्रवाई तेलंगाना के साइबराबाद पुलिस कमिश्नर से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई है. मामले में अभी आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है.
– अजय गणपति, एसएसपी, उधम सिंह नगर –

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से की थी चोरी:गौरतलब है कि नेपाली मूल के इन लोगों पर तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से चोरी करने का आरोप है. आरोप है कि इन लोगों ने हैदराबाद के गच्चीबाउली में एक विला में बड़ी चोरी की. एक नेपाली गैंग ने गच्चीबाउली हिल रिज विला में रहने वाले एक बिजनेसमैन के घर से करीब एक किलो सोने के गहने और हीरे चुरा लिए. पुलिस घर में काम करने वाले नेपाली कपल को ही मुख्य आरोपी मान रही थी. बताया जा रहा है कि बिजनेसमैन ने एक महीने पहले नेपाली कपल को काम पर रखा था

.ज्वेलरी बरामद करती पुलिस
तेलंगाना के बिजनेसमैन ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट:जब बिजनेसमैन का परिवार हाल ही में मुंबई ट्रिप से लौटा, तो नेपाली कपल नहीं मिला. बिजनेसमैन को लगा कि वे बिना किसी को बताए चले गए हैं, क्योंकि घर के ताले टूटने का कहीं कोई निशान नहीं था. बाद में पता चला कि पूजा वाले कमरे में रखी मूर्ति की सोने की चेन और घर के कुछ और गहने गायब हो गए थे. इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी.

हैदराबाद पुलिस आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी देगी:हैदराबाद पुलिस को पता चला कि आरोपी चुराए गए गहनों के साथ उत्तराखंड होते हुए नेपाल भागने की फिराक में हैं. पुलिस ने UP और उत्तराखंड पुलिस को इसकी जानकारी दी. वहां की पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया. हैदराबाद पुलिस आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना को लेकर पूरी जानकारी देगी.

यूपी पुलिस ने क्या कहा? उत्तर प्रदेश से आ रही रोडवेज बस यूपी उत्तराखंड बॉर्डर पर ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे से जहां तेलंगाना में हुई 5 करोड़ की चोरी की ज्वेलरी पकड़ी गई वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया. उत्तर प्रदेश पुलिस के बॉर्डर चौकी इंचार्ज योगेश कुमार ने बताया कि-

यह मामला 20 करोड़ रुपए से ऊपर का है. इसमें 8 किलो सोना और कुछ हीरे की अंगूठियां भी हैं. इसकी अनुमानित कीमत 20 करोड़ रुपए से ऊपर की है. चोरी के आरोपी उत्तर प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड में दाखिल होने के बाद टनकपुर के रास्ते नेपाल में दाखिल होना चाह रहे थे.-योगेश कुमार, बॉर्डर चौकी इंचार्ज, यूपी-

हैदराबाद से दिल्ली-यूपी-उत्तराखंड होकर नेपाल भागने की तैयारी:हैदराबाद के गच्चीबाउली में बड़े बिजनेसमैन के घर से पांच करोड़ की ज्वेलरी चुराकर ये आरोपी यहां से करीब 1700 किलोमीटर दूर उत्तराखंड सीमा तक पहुंच चुके थे. रुद्रपुर से नेपाल बॉर्डर सिर्फ 80 किलोमीटर दूर है. यूपी के रामपुर जिले में स्थित बिलासपुर में जहां ये लोग पकड़े गए वहां से नेपाल बॉर्डर मुश्किल से 100 किलोमीटर दूर था. अगर तेलंगाना के साइबराबाद पुलिस कमिश्नर ने थोड़ी देरी की होती और उत्तराखंड पुलिस को उनका फोन देर से आया होता तो फिर चिड़िया हाथ से निकल जाती. चोरी के आरोपियों के एक बार नेपाल बॉर्डर क्रॉस करने के बाद पहले तो उनको ढूंढना बहुत मुश्किल होता. फिर कानूनी कार्रवाई इतनी लंबी होती कि बहुत समय लग जाता.