सुबह आप ज्यादा लंबे और शाम को छोटे क्यों हो जाते हैं? जानिए शरीर से जुड़ा हैरान कर देने वाला विज्ञान

मानव शरीर कुदरत की एक बेहद अनोखी रचना है, जिसके कई रहस्य आज भी लोगों को हैरान करते हैं. आमतौर पर माना जाता है कि किसी व्यक्ति की लंबाई हमेशा एक जैसी रहती है, लेकिन विज्ञान कुछ और ही बताता है. विशेषज्ञों के अनुसार सुबह उठने के समय और रात को सोने से पहले हमारी ऊंचाई में मामूली अंतर आ सकता है. यह अंतर भले ही आंखों से दिखाई न दे, लेकिन वैज्ञानिक उपकरणों से इसे आसानी से मापा जा सकता है. इसके पीछे कोई चमत्कार नहीं, बल्कि रीढ़ की हड्डी और गुरुत्वाकर्षण से जुड़ी एक स्वाभाविक प्रक्रिया काम करती है.

रीढ़ की हड्डी कैसे काम करती है?
इस बदलाव को समझने के लिए सबसे पहले रीढ़ की हड्डी की संरचना को समझना जरूरी है. हमारी रीढ़ कई छोटी-छोटी कशेरुकाओं यानी वर्टिब्रा से मिलकर बनी होती है. इन हड्डियों के बीच नरम और गद्देदार डिस्क मौजूद होती हैं. इन डिस्क के भीतर तरल पदार्थ भरा रहता है, जो झटकों को सोखने और शरीर को लचीला बनाए रखने का काम करता है. यही डिस्क चलने, दौड़ने और बैठने जैसी गतिविधियों के दौरान रीढ़ को सुरक्षा प्रदान करती हैं. इन्हीं डिस्क की स्थिति दिनभर में बदलती रहती है, जिससे लंबाई में अंतर दिखाई देता है.

सुबह लंबाई ज्यादा क्यों होती है?
जब हम रात में सोते हैं, तब शरीर क्षैतिज अवस्था में होता है और रीढ़ की हड्डी पर लगभग कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता. इस दौरान डिस्क के अंदर मौजूद तरल पदार्थ फिर से पूरी तरह भर जाता है और वे थोड़ी फैल जाती हैं. परिणामस्वरूप रीढ़ की लंबाई बढ़ जाती है. यही कारण है कि सुबह सोकर उठने के बाद व्यक्ति की ऊंचाई दिन के किसी भी अन्य समय की तुलना में सबसे अधिक होती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि पूरी रात आराम मिलने से रीढ़ अपनी प्राकृतिक अवस्था में लौट आती है.

शाम तक लंबाई क्यों घट जाती है?
जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है, पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल शरीर पर लगातार प्रभाव डालता रहता है. खड़े रहना, चलना, दौड़ना, सीढ़ियां चढ़ना या लंबे समय तक बैठना. इन सभी गतिविधियों से रीढ़ पर दबाव पड़ता है. इस दबाव के कारण डिस्क के अंदर मौजूद तरल पदार्थ थोड़ा सिमटने लगता है और डिस्क हल्की पिचक जाती हैं. इसके परिणामस्वरूप रीढ़ की कुल लंबाई कम हो जाती है और व्यक्ति की ऊंचाई सुबह की तुलना में थोड़ी घट जाती है.

कितना होता है लंबाई का अंतर?
मेडिकल विशेषज्ञों और विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार अधिकांश लोगों की लंबाई सुबह और शाम के बीच लगभग 1 से 2 सेंटीमीटर तक कम हो सकती है. हालांकि यह अंतर हर व्यक्ति में समान नहीं होता. जिन लोगों का शारीरिक श्रम अधिक होता है या जो लंबे समय तक खड़े रहते हैं, उनमें यह अंतर थोड़ा ज्यादा भी हो सकता है. यह पूरी तरह सामान्य जैविक प्रक्रिया है और इससे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता.