जयपुर: राजस्थान कांग्रेस में इन दिनों सियासी भूचाल मचा हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से सचिन पायलट को निशाने पर लिए जाने के बाद गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा ने भी पलटवार किया है. लोकेश शर्मा ने कहा कि अशोक गहलोत बार-बार कहते हैं कि उनके पास सरकार गिराने के सबूत हैं, तो उन्हें सबूत सार्वजनिक करने चाहिए. लोकेश शर्मा ने मंगलवार शाम मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि गहलोत सरकार कोई नहीं गिरा रहा था.
पार्टी हाईकमान चाहता था, ‘गहलोत बनें राष्ट्रीय अध्यक्ष’: लोकेश शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से रोकने का षड्यंत्र रचा गया. लोकेश शर्मा ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से किसी ने नहीं रोका था. पार्टी चाहती थी कि वो राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. दो दिन बाद उन्हें फॉर्म भरना था. लोकेश शर्मा ने दावा किया कि अशोक गहलोत ने खुद मुझसे कहा था कि मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनना. मुझे मुख्यमंत्री बने रहना है. अब गहलोत पार्टी षड्यंत्र रचने के आरोप लगाकर पार्टी हाईकमान की बदनामी कर रहे हैं.
‘सबूतों का पिरामिड बनाएं पूर्व मुख्यमंत्री’: लोकेश शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बार-बार कहते हैं कि ‘मेरे पास सबूत हैं. मेरी सरकार को गिराने के सबूत हैं, तो उन सबूत की ममी बनवाकर ‘मिस्र के पिरामिड’ की तरह राजस्थान में भी नए पिरामिड का निर्माण करवा कर उन्हें दफना दिया जाए’. लोकेश शर्मा ने कहा कि 15 सितंबर, 2025 को अशोक सिंह और भारत मलानी को कोर्ट ने एसीबी के बयानों के आधार पर क्लीन चिट दी कि सरकार गिराने और विधायकों की खरीद–फरोख्त के कोई सबूत नहीं मिले हैं.
लोकेश शर्मा ने कहा कि जब राहुल गांधी बड़े-बड़े कदम उठा रहे हैं. उससे भी अशोक गहलोत को परेशानी है, क्योंकि कर्नाटक में आसानी से मुख्यमंत्री बदल दिए गए. सिद्धारमैया ने पार्टी हाईकमान का आदेश मानते हुए अपना पद छोड़ दिया. अब देश में यह तुलना होने लगी है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने हाईकमान के आदेश में पद छोड़ दिया, लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री ने अपना पद नहीं छोड़ा और आलाकमान के पर्यवेक्षकों को बैरंग लौटा दिया था.