वायु प्रदूषण न केवल फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि ये अंग भी खराब हो रहे हैं, ये 4 उपाय जोखिम को कम कर सकते हैं

What are the main effects of pollution: वायु प्रदूषण के उच्च स्तर के संपर्क में आने से कई तरह के प्रतिकूल स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं। इससे श्वसन संक्रमण, हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में वायु प्रदूषकों से तुरंत और लंबे समय में होने वाले हेल्थ संबंधित जोखिम की चपेट में आप कभी भी आ सकते हैं।

Air pollution not only damages the lungs, but these organs are also getting damaged, these 4 measures can reduce the risk
Air pollution not only damages the lungs, but these organs are also getting damaged, these 4 measures can reduce the risk
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वायु प्रदुषण(Air Pollution) आज के समय में वैश्विक स्तर की चुनौती बन गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल दुनिया भर में लगभग सात मिलियन मौत वायु प्रदूषण के कारण होता है। दस में से नौ व्यक्ति वर्तमान में ऐसी हवा में सांस ले रहे हैं, जो डब्ल्यूएचओ द्वारा निर्देशित प्रदुषण की सीमा से अधिक है। ऐसे में निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहने वाले लोग वायु प्रदुषण से सबसे अधिक पीड़ित हैं।

वायु प्रदूषण का क्या कारण है? बढ़ती आबादी और आधुनिक उद्योगीकरण, वनो की अंधाधुंध कटाई, वाहनों की बढ़ती संख्या जैसे कई कारक वायु को प्रदुषित करने का काम करते हैं। हवा में बढ़ते हानिकारक तत्व मानव शरीर में कई तरह के गंभीर स्वास्थ्य समस्या विकसित कर रहे हैं। जिससे बचाव के लिए आप कुछ तरह के उपायों को अपना सकते हैं।

वायु प्रदुषण से होने वाली बीमारी

समय से पहले मौत
अस्थमा
हृदय रोग
स्ट्रोक
फेफड़े का कैंसर
फेफड़ों में डैमेज
इंफेक्शन
क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी)
सूजन और जलन
घरघराहट
खाँसी और सांस की तकलीफ
​स्टडी का दावा लड़कों में बढ़ रहा है ऑटिज्म का खतरा

एनसीबीआई के अनुसार कई कुछ स्टडी यह दावा करती हैं कि गर्भवती महिलाओं के वायु प्रदूषण और तनाव के संपर्क में आने से मेल बच्चों में ऑटिज्म जैसे सामाजिक व्यवहार और अलग-अलग तरह के दिमाग का खतरा बढ़ सकता है।

​क्या है Autism

ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार मस्तिष्क के विकास से संबंधित एक स्थिति होती है। इस विकार में व्यवहार के सीमित और दोहराव वाले पैटर्न शामिल होत हैं। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार में स्पेक्ट्रम शब्द लक्षणों और गंभीरता की एक लंबी चलने वाली चेन को दर्शाता है।

​वायु प्रदुषण शरीर के इन हिस्सों को भी करता है प्रभावित

वायु प्रदूषण से दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों में हृदय रोग, फेफड़े का कैंसर और श्वसन संबंधी जैसे रोग हो सकते हैं। इसके अलावा वायु प्रदूषण लोगों की नसों, मस्तिष्क, गुर्दे, यकृत और अन्य अंगों को भी लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है। कुछ वैज्ञानिकों को संदेह है कि वायु प्रदूषक जन्म दोष का कारण भी बनते हैं।

​AQI का उपयोग गाइड के रूप में करें

वायु गुणवत्ता को मापने के लिए AQI का उपयोग कर सकते हैं। जब एक्यूआई अस्वस्थ क्षेत्रों में हो, तो बाहरी गतिविधियों से बचने की कोशिश करें, खासकर ट्रैफिक वाले इलाकों के पास। घर के अंदर रहें। या, जब आप बाहर जाते हैं, तो मास्क पहनें। मास्क हानिकारक कणों को शरीर में जाने से रोक सकते हैं।

​सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें

वायु प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान परिवहन को होता है। ऐसे में जितना हो सके पर्सनल गाड़ी के उपयोग की जगह सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का इस्तेमाल करें। ऐसे में ईंधन की खपत को कम करके वायु प्रदुषण से होने वाली बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है।

गैस स्टोव बदलें

गैस स्टोव के बजाय इंडक्शन या इलेक्ट्रिक स्टोव चुनें। इंडक्शन कुकटॉप्स न केवल घर के अंदर होने वाले प्रदूषण को रोकते हैं, बल्कि कम से कम ऊर्जा का उपयोग भी करते हैं।

​एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें

हालांकि एयर प्यूरीफायर सभी प्रदूषकों को नहीं हटा पाते है, लेकिन वे इनडोर वायु गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं। ऐसे में एयर प्यूरीफायर का चयन आपके लिए वायु प्रदुषण से होने वाले जोखिमों को कम कर सकता है। साथ ही इसके फिल्टर को नियमित रूप से बदलते रहें। ऐसे में वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और ऊर्जा भी कम उपयोग होगी।