अभी अभीः खतौली में अब होगी आर-पार की लडाई, दोनों उम्मीदवारों की हो गई…

खतौली उपचुनाव के रालोद-सपा गठबंधन प्रत्याशी मदन गोपाल उर्फ मदन भैया की उम्मीदवारी बरकरार रहेगी। रिटर्निंग अधिकारी ने भाजपा नेताओं की और से लगाई गई आपत्तियों को खारिज करते हुए मदन भैया के नामांकन को स्वीकार कर लिया।

Abhi Abhi: Now there will be a close fight in Khatauli, both the candidates have...
Abhi Abhi: Now there will be a close fight in Khatauli, both the candidates have...
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मुजफ्फरनगर। खतौली उपचुनाव के रालोद-सपा गठबंधन प्रत्याशी मदन गोपाल उर्फ मदन भैया की उम्मीदवारी बरकरार रहेगी। रिटर्निंग अधिकारी ने भाजपा नेताओं की और से लगाई गई आपत्तियों को खारिज करते हुए मदन भैया के नामांकन को स्वीकार कर लिया। दूसरी और भाजपा उम्मीदवार राजकुमारी सैनी के नामांकन पर लगाई गई आपत्ति भी सुनवाई के बाद खारिज कर दी गई। अब भाजपा और रालोद दोनों पार्टियों के उम्मीदवार आमने सामने चुनाव लड़ेंगे। इससे दोनों खेमों में पैदा हुई ऊहापोह की स्थिति समाप्त हो गई।

रालोद प्रत्याशी के रूप में मदन भैया ने खतौली उपचुनाव के लिए सपा और रालोद नेताओं के साथ 16 नवंबर को नामांकन पत्र दाखिल किया था। उनके नामांकन पत्र में दर्शाए गये आपराधिक और संपत्ति के विवरण को लेकर कई सवाल उठने लगे थे। विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया था कि मदन भैया ने अपने शपथ पत्र में नियमों की अनदेखी की और सही जानकारी छिपाई है। गुरूवार को नामांकन के अंतिम दिन भाजपा के जिला प्रशिक्षण प्रमुख शिवराज त्यागी एडवोकेट, वेदप्रकाश त्यागी खतौली तथा एक अन्य ने रिटर्निंग ऑफीसर एसडीएम खतौली जीत सिंह राय के समक्ष मदन भैया के नामांकन के खिलाफ चुनौती पेश करते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी।

शिवराज त्यागी की शिकायत में कहा गया था कि गाजियाबाद जनपद के थाना लोनी के गांव शरफूदीन जावली निवासी 63 वर्षीय मदन भैया पुत्र भूलेराम ने रालोद प्रत्याशी के रूप में 05 दिसंबर को प्रस्तावित खतौली उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है, उसमें प्रारूप-26 नियम 4क जो संलग्न किया गया है, वह पूर्णतः विधि सम्मत नोटरी द्वारा सत्यापित नहीं है। आरोप है कि उसमें बहुत त्रुटियां हैं, जैसे कि प्रारूप-26 में नोटरी के द्वारा पेज पर किसी भी तिथि का उललेख न हीं है, केवल अंितम पेज पर तिथि डाल दी गई है। बाकी किसी भी पेज पर तिथि का उल्लेख नहीं है और न ही छोटी मोहर कॉलम बन्द होने के बाद लगी है और न ही पेज नम्बर डाले गये हैं।

भाजपा नेता शिवराज त्यागी ने अपनी शिकायत में कहा कि एफीडेटि के अन्तर्गत जो सारणी मुकदमों के बारे में मांगी गई है, जैसा कि संबंधित पुलिस थाने के नाम व पते के साथ प्रथम इत्तला रिपोर्ट संख्या का कॉलम है, जिसमें रिपोर्ट की संख्या होनी चाहिए, जबकि मुकदमा अपराध संख्या की संख्या लिख दी गई है, देानों चीजें अलग अलग हैं। कहा गया कि यह भी एक त्रुटि है और इसी प्रकार की कमी कई जगह मदन भैया के नामांकन में होने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में भाजपा नेता ने कहा कि जो शपथ पत्र प्रारूप-26 नियम 4 क में दिया गया है, वो सही नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने रिटर्निंग ऑफीसर से रालोद प्रत्याशी मदन भैया का नामांकन निरस्त करने की कार्यवाही करने की मांग की है।

रालोद प्रत्याशी के विरुद्ध दर्ज कराई गई शिकायत पर रिटर्निंग अधिकारी जीत सिंह राय ने शुक्रवार को सुनवाई की। शिकायतकर्ता एड. शिवराज त्यागी ने शिकायत में दर्ज कराए गए तथ्यों को फिर से प्रदर्शित किया। जबकि बचाव पक्ष की और से सपा जिलाध्यक्ष और एड. प्रमोद त्यागी ने बहस की। एड. प्रमोद त्यागी ने बताया कि शिकायत में दर्शाए तथ्य तर्कहीन हैं। कोई भी तथ्य नामांकन के दौरान छिपाया नहीं गया है। उन्होने बताया कि रटर्निंग अधिकारी ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद रालोद प्रत्याशी का पर्चा वैध घोषित कर दिया।