किसान के बेटे का कमाल, मिली 1 करोड़ की स्कॉलरशिप, विदेश में करेगा पढ़ाई

महाराष्ट्र के वाशिम के रहने वाले समाधान कांबले आगे की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्यालय जा रहे हैं. बता दें कि समाधान के घर की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है. उनके माता-पिता दोनों खेत में काम करते हैं. समाधान की पढ़ाई के लिए उनके पिता ने अपने 4 एकड़ खेत को भी बेच दिया.

Amazing farmer's son, got scholarship of 1 crore, will study abroad
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वाशिम: मेहनत और लगन की बदौलत इंसान कुछ भी हासिल कर सकता है. कुछ ऐसा ही महाराष्ट्र के वाशिम जिले के पांगरी धनकुटे गांव समाधान कांबले ने कर दिखाया है. समाधान कांबले उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न विश्वविद्यालय जा रहे हैं. इसके लिए उन्हें भारत सरकार की तरफ से 1 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी जा रही है.

आर्थिक स्थिति दयनीय
समाधान को बचपन से ही पढ़ाई का बहुत शौक था. उन्होंने हाल ही में सिंहगढ़ एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग पुणे से बीई सिविल इंजीनियरिंग में अपनी पढ़ाई पूरी की है. अब वे आगे की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न विश्वविद्यालय जा रहे हैं. बता दें कि समाधान के घर की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है. उनके माता-पिता दोनों खेत में काम करते हैं. 5 एकड़ की फसल है, जो नदी किनारे है. इसी के चलते मॉनसून में अक्सर फसल बर्बाद हो जाती है. समाधान की मां किसी और के खेत में मजदूरी का काम करती थी, जबकि उसके पिता ने पड़ोसी गांव में चार एकड़ का खेत खरीदा था, लेकिन उन्हें अपने बच्चों के उच्च शिक्षा के सपने को पूरा करने के लिए उसे भी बेच दिया.

पिता ने आर्थिक स्थिति को बीच में नहीं आने दिया
समाधान की पांच बहनें हैं, सभी ने उच्च शिक्षा हासिल की हुई है, समाधान के पिता कभी स्कूल नहीं गए, उनकी मां भी केवल कक्षा चार तक ही पढ़ी हैं. समाधान के पिता उत्तम कांबले ने बताया कि वह पढ़े-लिखे नहीं है, लेकिन उनकी प्रबल इच्छा थी कि बच्चे सीखें और बड़े हों. इसलिए उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसों की कमी कभी नहीं होने दी.

भारत सरकार उठाएगी पढ़ाई का खर्च
समाधान ने अपने माता-पिता की मेहनत को बेकार नहीं होने दिया, कड़ी मेहनत से पढ़ाई करके सफलता हासिल की है. अब भारत सरकार द्वारा विदेश में उच्च शिक्षा के लिए दी जाने वाली स्कॉलरशिप के लिए समाधान का चयन किया गया है. उन्हें ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्यालय में मास्टर ऑफ सिविल इंजीनियरिंग बिजनेस कोर्स के लिए प्रवेश मिला है. दो वर्ष के इस कोर्स का पूरा खर्च भारत सरकार की National Overseas Scholarship के अंतर्गत किया जाएगा.