अशोक गहलोत 1 घंटे की फ्लाइट हो गई 8 घंटे हो गई लंबी, नहीं पहुंच पा रहे दिल्ली

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok gehlot) बुधवार को नई दिल्ली जाने वाले हैं। प्रदेश के सियासी घमासान के बाद आज उनका पार्टी आलाकमान से मुलाकात का कार्यक्रम है। जयपुर से दिल्ली का यह सफर विशेष विमान से एक घंटे में पूरा होना है।

Ashok Gehlot 1 hour flight became 8 hours long, unable to reach Delhi
Ashok Gehlot 1 hour flight became 8 hours long, unable to reach Delhi
इस खबर को शेयर करें

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok gehlot) बुधवार को नई दिल्ली जाने वाले हैं। प्रदेश के सियासी घमासान के बाद आज उनका पार्टी आलाकमान से मुलाकात का कार्यक्रम है। जयपुर से दिल्ली का यह सफर विशेष विमान से एक घंटे में पूरा होना है। मुख्यमंत्री भी जाने को तैयार है लेकिन जयपुर से एक घंटे का यह सफर 9 घंटे बाद भी शुरू नहीं हो पाया। पहले दोपहर 12 बजे, फिर शाम 7 बजे, रात 8 बजे और अब रात 9 बजे जयपुर से दिल्ली की उड़ान रिशेड्यूल की गई है। सियासी गलियारों में अब यही चर्चा है कि एक घंटे की दूरी के बावजूद 9 घंटे में भी गहलोत दिल्ली क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं? यह भी भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जयपुर से दिल्ली का सफर बार बार रिशेड्यूल आलाकमान के समय नहीं देने से हो रहा है। हालांकि दिल्ली के लिए उड़ान भरना अभी बाकी है और वहां होने वाली आलाकमान से मुलाकात भी।

आलाकमान से मुलाकात के बाद साफ होगी तस्वीर, चुनाव लड़ेंगे या नहीं
सीएम गहलोत के जयपुर से दिल्ली के सफर को लेकर राजस्थान के कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने यहां दिन में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री आज शाम नेतृत्व और संगठन के रूप में एक अभिभावक के तौर पर 102 विधायकों की भावना को व्यक्त करने के लिए दिल्ली जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अभी इस्तीफा नहीं दे रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि गहलोत पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे या नहीं, यह आलाकमान के साथ बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। गहलोत ने कहा था कि वह पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। हालांकि राज्य के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम से चीजें कुछ अस्पष्ट हो गई हैं। गहलोत के समर्थक और विधायकों ने राज्य में मुख्यमंत्री बदले जाने पर आपत्ति जताई है।

दिल्ली से पहले जयपुर में करीबी नेताओं से मुलाकात
मुख्यमंत्री के नई दिल्ली के लिए एक विशेष विमान से जाने की संभावना है। गहलोत के दिल्ली दौरे से पहले कुछ मंत्री और विधायक उनसे मिलने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। खाचरियावास, विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। खाचरियावास ने मुलाकात के बाद कहा कि यह एक नियमित बैठक थी और अध्यक्ष की बैठक कुछ अलग नहीं थी।

गहलोत का दिल्ली दौरा कांग्रेस की ओर से उनके तीन वफादार मंत्रियों शांति धारीवाल और महेश जोशी, और धर्मेंद्र राठौड को उनके ‘गंभीर अनुशासनहीनता’ के लिए ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के एक दिन बाद हो रहा है। कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने मंगलवार रात को मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी तथा पार्टी के नेता धर्मेंद्र राठौड़ को उनकी ‘घोर अनुशासनहीनता’ के लिए ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया और उनसे 10 दिन के भीतर यह बताने के लिए कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे थे गहलोत गुट के विधायक
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक रविवार रात को मुख् यमंत्री निवास पर होनी थी। लेकिन गहलोत के समर्थक विधायक नहीं पहुंचे थे। इन विधायकों ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के बंगले पर बैठक की थी और फिर वहां से विधानसभा अध्यक्ष से मिलने चले गये थे। उन्होंने अपने इस्तीफे उन्हें सौंपे। इन विधायकों की ओर से धारीवाल, जोशी एवं प्रताप सिंह खाचरियावास ने माकन एवं मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की थी। कांग्रेस विधायक दल की बैठक कराने यहां आए पार्टी महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी माकन ने सोमवार को कहा था कि (गहलोत के समर्थक विधायकों द्वारा) विधायक दल की आधिकारिक बैठक में न आकर समानांतर बैठक करना अनुशासनहीनता है।