300 से ज्यादा मुर्दों को महीनों से खोज रही है बिहार पुलिस, सामने आई चौंका देने वाली वजह

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किशनगंज; सीमांचल के पूर्णिया,अररिया, कटिहार और किशनगंज जिले की पुलिस 300 से अधिक मुर्दों की तलाश पिछले कई महीनों से लगातार कर रही है। हालांकि इनमें से एक का भी माकूल सुराग पुलिस की टीम को हाथ नहीं लग पा रहा है। पूर्णिया परिक्षेत्र के डीआईजी विकास कुमार के द्वारा जब लंबित वारंट से संबंधित मामलों का रिव्यू किया गया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ऐसे लोग जिनकी मौत कई वर्ष पहले हो चुकी है, उनका वारंट अभी तक उनके घर पर तामील नहीं हो पाया है।

इससे कई तरह की तकनीकी दिक्कतें हो रहीं है। वर्षों मौत हुए परिजन के वारंट को लेकर जब पुलिस घर पर पहुंच रही है तो परिजन भी भौंचक व परेशान हो जाते हैं। परिजन मृत्यु प्रमाणपत्र लेकर स्थानीय थाना से न्यायालय तक परेशानी से मुक्ति के लिए चक्कर लगा रहे हैं।

आगामी लोस चुनाव को लेकर लगातार पेंडिंग मामलों के निष्पादन, फरार वारंटी की गिरफ्तारी और गिरफ्तार नहीं होने की स्थिति में न्यायालय से कुर्की वारंट लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को लेकर दिशा- निर्देश पुलिस मुख्यालय पटना के द्वारा ही सभी जिले के पुलिस अधीक्षक को मिले हैं। इस बाबत डीआईजी ने समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की है।

पूर्णिया के डीआईजी विकास कुमार ने बताया कि सीमांचल में तीन से अधिक पुराने मामले में आरोपी फरार है। पुराने और लंबी वारंट से संबंधित मामलों को स्थानीय थाना अध्यक्षों को क्रॉस चेक करने के बाद ही उसका तामिला करवाने की सख्त हिदायत पुलिस अधीक्षक ने दी है। फरार आरोपियों के घरों की वारंट और कुर्की जब्ती करने की प्रक्रिया का आदेश दिए गए हैं।

केहाट थाना क्षेत्र के गिरजा चौक निवासी अनिल वर्मा के पुत्र नंदन कुमार वर्मा ने अपने एक मित्र के केस में 6 वर्ष पूर्व गवाह के लिए नाम दिया था। केस का डिस्पोजल न्यायालय में होने के बावजूद भी पुलिस की टीम उनके यहां गवाह के रूप में न्यायालय में पहुंचने को लेकर समन लेकर पहुंच गई। इस अचानक पुलिस की टीम पहुंचने के बाद पूरे परिजन भी परेशान हो गए। सदर थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर निवासी 75 वर्षीय एक व्यक्ति के खिलाफ भी न्यायालय से गवाही देने को लेकर वारंट जारी किया गया है। जबकि उक्त बुजुर्ग व्यक्ति बिछावन पर से उठ नहीं पा रहे हैं। पूछताछ के दौरान में उन्होंने बताया कि व्यवसाय करने के दौरान ही एक मामला पड़ोसी दुकानदार के द्वारा कुछ ट्रक चालक पर दर्ज कराया था। उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि उन्हें उनका नाम गवाह के लिए दिया गया है। अब पुलिस की टीम न्यायालय में उपस्थित होने के लिए लगातार नोटिस दे रही है।

पुलिस को इन बिंदुओं पर रखनी चाहिए विशेष नजर

थाना क्षेत्र के फरार वारंटी की एक सूची तैयार करें

मामूली और जमानतीय धाराओं में वादी को सूचना दें, ताकि जल्द जमानत हो सके

स्थानीय स्तर पर पुराने मामलों में क्रॉसचेक भी कर ले कि संबंधित व्यक्ति की अद्यतन स्थिति क्या है

वारंट तामिला करने के लिए जाने वाले पुलिसकर्मियों को परिजन से शालीनता से पेश आने चाहिए

गंभीर किस्म के अपराध मामलों में ही पुलिस की टीम को तेजी दिखानी चाहिए

गुलाब की रहने वाली एक महिला ने बताया कि पड़ोस की ही रहने वाले कुछ चोर की गिरफ्तारी सामान के साथ कृषी फॉर्म के मैदान से की गई थी। उस समय उनका नाम गवाह के लिए दे दिया गया था। दो बार वह न्यायालय में इस मामले को लेकर उपस्थित भी हो चुकी है। लेकिन फिर भी उन्हें दोबारा से गवाह देने के लिए न्यायालय में बुलाया जा रहा है।

अचानक पुराने मामले में पुलिस की टीम के द्वारा घर पर दस्तक दिए जाने के बाद परिजन भी परेशान हो रहे हैं। ऐसे लोग जिनकी मृत्यु वर्षों पहले हो चुकी है, अचानक उनके नाम का वारंट आते ही परिजनों की भी हाथ-पांव फूलने लगते हैं। ऐसे में परिजन स्थानीय थाना से लेकर न्यायालय तक मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर चक्कर लगा रहे हैं। कई ऐसे मामले भी हैं। जिनमें प्रत्येक लोकसभा और विधानसभा चुनाव के समय व्यक्ति पर भी 107 की कार्रवाई हो जा रही है।