लोकसभा चुनाव से पहले बढ़ीं बीजेपी की मुश्किलें, नाराज जाट समुदाय ने चलाया ‘ऑपरेशन गंगाजल’, जानें मामला

BJP's problems increased before Lok Sabha elections, angry Jat community launched 'Operation Gangajal', know the matter
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Rajasthan Lok Sabha Election 2024: पूर्वी राजस्थान में जाट समाज बीजेपी से नाराज है. केंद्र में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिलने से बीजेपी के खिलाफ जाट समाज लामबंद हो गया है. आरक्षण संघर्ष समिति की तरफ से गांव- गांव ‘ऑपरेशन गंगाजल’ चलाया जा रहा है. जाट के हाथ में गंगाजल रखकर बीजेपी को हराने की कसम खिलायी जा रही है.

गांव-गांव में रैली भी निकाल कर भी बीजेपी को हराने के लिए जागरूक किया जा रहा है. लोकसभा चुनाव में जाट समाज के ऑपरेशन गंगाजल से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

बीजेपी के खिलाफ जाटों का ‘ऑपरेशन गंगाजल’

जाट समाज का ऑपरेशन गंगाजल भरतपुर, धौलपुर में चल रहा है. आरोप है कि भरतपुर और धौलपुर के जाट समाज को केंद्र में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है. आरक्षण के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए जाट समाज ने ऑपरेशन गंगाजल चला रखा है. भरतपुर धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने कहा कि जाट समाज जिस बात की ठान लेता है तो पूरा करके ही दम लेता है. जाट समाज अपनी नाक के लिए जान भी दे सकता है.

केंद्र में ओबीसी आरक्षण दिलाने की तेज हुई मांग

इतिहास भी है कि जब जाटों ने ठाना था तो दिल्ली को भी फतेह कर लिया था. आज बीजेपी सरकार तानाशाह के रूप में काम कर रही है. भरतपुर धौलपुर जिलों के जाटों को केंद्र में ओबीसी आरक्षण के नाम पर झूठ बोलकर धोखा दिया गया. किसानों पर अत्याचार किया. बेरोजगार युवाओं के भविष्य पर तलवार चलाने का काम किया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन गंगाजल की गूंज पूरे राजस्थान में भी सुनाई देगी. बीजेपी के खिलाफ ऑपरेशन गंगाजल का समर्थन अन्य जातियों की तरफ से भी मिल रहा है.

जाट समाज की महिलाएं भी अभियान को आगे बढ़ाने में साथ दे रही हैं. बता दें कि आचार संहिता लगने से पहले जाट समाज का महापड़ाव लगभग 40 दिनों तक चला. मुख्यमंत्री का आश्वासन मिलने के बाद महापड़ाव स्थगित कर दिया गया. महापड़ाव में जाट समाज के लोगों ने गंगाजल की कसम खाई थी. चुनाव से पहले जाट समाज को आरक्षण नहीं मिलने पर ऑपरेशन गंगाजल चलाकर बीजेपी को हराने के लिए काम करेगा.