उत्तराखंड में बहन के अफेयर से नाराज था भाई, समझाने पर भी नहीं मानी तो जिंदा बोरे में डाल गंगा में बहाया

हरिद्वार पुलिस ने किशोरी की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। बहन के अफेयर से नाराज भाई ने पहले उसे समझाया। नहीं मानने पर मारपीट की और दम घुटने पर शव को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर दिया।

Brother was annoyed by sister's affair in Uttarakhand, even after persuasion, if he did not agree, he was thrown into the Ganges by putting him in a sack alive.
Brother was annoyed by sister's affair in Uttarakhand, even after persuasion, if he did not agree, he was thrown into the Ganges by putting him in a sack alive.
इस खबर को शेयर करें

लक्सर: पुलिस ने हरिद्वार के लक्सर में किशोरी की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। किशोरी की हत्या उसके सगे भाई ने की थी। हत्या के बाद उसने जीजा की मदद से शव बोरे में रखकर गंगा में बहा दिया। गांव के ही एक युवक के साथ किशोरी के प्रेम संबंधों से नाराज होकर भाई ने घटना को अंजाम दिया था। साले के बुलाने पर जब जीजा आया तब किशोरी की सांस चल रही थी। बावजूद दोनों ने उसे जीवित ही बोरे में बंद कर दिया और फिर बोरा गंगा में फेंक आए।

9 अगस्त को भिक्कमपुर चौकी के गांव निवासी युवक ने पुलिस से मिलकर बताया था कि गांव की किशोरी से उसके प्रेम संबंध थे। हाल ही में किशोरी के परिजनों को इसका पता चला था। तभी से किशोरी लापता है। उसने अनहोनी की आशंका जताकर तहरीर दी थी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही थी। बुधवार को कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 6 अगस्त की सुबह किशोरी परिजनों से छिपकर प्रेमी से मिलने जा रही थी।

भाई रवि ने उसे पकड़ा और नसीहत दी, तो किशोरी ने अपनी मर्जी से शादी करने की बात कह दी। नाराज रवि ने उससे मारपीट की, तो अचानक गर्दन पर दबाव पड़ने से किशोरी का दम घुट गया और वह बेहोश हो गई। तब रवि ने पास के ओसपुर गांव से अपने जीजा बंटी को बुलाया और दोनों ने शव प्लास्टिक के बोरे में डालकर गंगा में बहा दिया। हत्या की बात सामने आने पर पुलिस ने 12 अगस्त में गंगा से किशोरी का शव बरामद कर लिया था।

प्रेग्नेंट बिपाशा बसु बोलीं- मेरे पेट में बच्चा है, क्यूट वीडियो हो रहा वायरल
साले के बुलाने पर बंटी जिस समय ससुराल पहुंचा, तब तक किशोरी की सांसें चल रही थी। इसका पता चलने के बावजूद दोनों ने उसे जीवित ही बोरे में बंद कर दिया और फिर बोरा गंगा में फेंक आए। मंगलवार रात पुलिस ने किशोरी के भाई व जीजा को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। खुलासा करने वाली टीम में एसएसआई अंकुर शर्मा, एसआई मनोज नौटियाल, मनोज ममगाई, सिपाही प्रभाकर थपलियाल, मोहन खोलिया, अनिल शामिल थे।