कार 11 लाख की और रिपेयरिंग का बिल आया 22 लाख, कंपनी के ऊपर भड़क गया शख्स

Volkswagen Polo Car: कंपनी को जब पता चला कि मामला हाथ से बाहर जा रहा है तो फिर आखिर में इस मामले को सिर्फ पांच हजार रुपये में सेटल किया गया. फिलहाल उन्होंने अपनी कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की तो लोग भी कंपनी के ऊपर भड़के हुए हैं.

Car worth 11 lakhs and repairing bill came to 22 lakhs, the person got angry on the company
Car worth 11 lakhs and repairing bill came to 22 lakhs, the person got angry on the company
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Bengaluru fox wagon car repair: कर्नाटक के बेंगलुरु से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां एक शख्‍स ने अपनी कार को रिपेयरिंग के लिए सर्विस सेंटर में दिया हुआ था. इसके बाद जो हुआ उसका अंदाजा शायद उस शख्स को भी नहीं रहा होगा और ना ही कार कंपनी को ही रहा होगा. कार के रिपेयरिंग का बिल कार की असली कीमत से भी दोगुना ज्यादा दे दिया गया. इसके बाद तो फिर हड़कंप मच गया.

11 लाख रुपये की कार, 22 लाख का रिपेयर बिल
दरअसल, यह घटना बेंगलुरु की है. इस शख्स का नाम अनिरुद्ध गणेश हैं. उन्होंने अपनी 11 लाख रुपये की कीमत वाली कार को रिपेयर के लिए रिपेयरिंग सेंटर भेजा था. रिपेयरिंग सेंटर ने उन्‍हें 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया. अनिरुद्ध गणेश एमेजॉन में प्रोजेक्‍ट मैनेजर के तौर पर कार्यरत हैं. उनकी फॉक्‍सवैगन कार में थोड़ी खराबी आने के बाद उन्होंने इसे सर्विस के लिए भेज दिया था.

कंपनी के आधिकारिक रिपेयरिंग सेंटर की करतूत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह सब तब हुआ था जब हाल ही में बेंगलुरु में मूसलाधार बारिश हुई थी. इसके बाद अनिरुद्ध गणेश की फॉक्‍सवैगन कार को काफी नुकसान पहुंचा था. ऐसे में उन्होंने रिपेयरिंग के लिए अपनी इस कार को व्‍हाइटफील्‍ड इलाके में स्थित फॉक्‍सवैगन के ही आधिकारिक रिपेयरिंग सेंटर भेज दिया. फिर इस सेंटर की तरफ से उन्हें लंबा चौड़ा बिल थमा दिया गया.

बीमा कंपनी से भी संपर्क साधा
जानकारी के मुताबिक इस कार की कीमत तकरीबन 11 लाख रुपये है, लेकिन रिपेयरिंग सेंटर से 22 लाख रुपये का बिल भेज दिया. जब उन्होंने इसका विरोध किया तो सर्विस सेंटर ने डैमेज कार के लिए दस्‍तावेज तैयार करने के एवज में उनसे 44,840 रुपये की मांग कर डाली. इससे अन‍िरुद्ध गणेश के होश उड़ गए. इसके बाद उन्‍होंने बीमा कंपनी से भी संपर्क साधा.

उन्होंने फॉक्‍सवैगन मैनेजमेंट को दोबारा से ई-मेल भेजकर उन्‍हें अपनी समस्‍या से अवगत कराया. इसके बाद कंपनी को जब पता चला कि मामला हाथ से बाहर जा रहा है तो फिर आखिर में इस मामले को सिर्फ पांच हजार रुपये में सेटल किया गया. फिलहाल उन्होंने अपनी कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की तो लोग भी कंपनी के ऊपर भड़के हुए हैं.