भारत से झड़प करके फंस गया चीन, इकॉनामी में झेलने जा रहा बड़ा नुकसान

India-China News: अपनी फौज को पूर्वी लद्दाख में भेजकर धौंस दिखाना अब चीन को भारी पड़ रहा है. उसने भारत से मिलने वाले सारे फायदे तो गंवा ही दिए, साथ ही अंदर ही अंदर अब वह खोखला भी हो रहा है. भारत उसे ऐसी जगह चोट पहुंचा रहा है, जहां उसने कल्पना भी नहीं की थी.

China got trapped after clashing with India, going to suffer a big loss in the economy
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India-China Latest: पूर्वी लद्दाख में 2 साल पहले चीन (China) के दुस्साहस के बाद भारत ने एक बात स्पष्ट रूप से समझ ली है कि उसका पहले नंबर का दुश्मन पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन है. लिहाजा उससे निपटने के लिए भारत को हर मोर्चे पर जबरदस्त तैयारी करनी होगी. चूंकि चीन के 21वीं सदी में उदय के पीछे उसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी अर्थव्यवस्था कही जाती है. इसलिए भारत अब इसी फील्ड में उसे औकात दिखाने में जुटा हुआ है.

चीन से निकल जाने के मूड में ऐपल कंपनी
ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब की चीन (China) की छवि को तोड़ने के लिए भारत वहां काम कर रही बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपने यहां निवेश के लिए प्रेरित कर रहा है. अब बड़ी जानकारी छनकर आ रही है कि स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल (Apple Company) चीन से अपना कारोबार समेटकर भारत शिफ्ट कर सकती है. असल में कोविड कंट्रोल के नाम पर चीन में लगातार जारी प्रतिबंधों से स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल को भारी नुकसान हो रहा है. दुनिया में खराब हो रही चीन की छवि से भी उसे नुकसान पहुंचा है. इन सब कारणों से उसका मुनाफा पहले के मुकाबले काफी घट गया है और वह अब चीन से निकल जाने के मूड में है. इसके लिए उसे सबसे बेहतर दिख रहा है.

भारत में शिफ्ट करेगी प्रॉडक्शन यूनिट
भारत को चुनने के पीछे कंपनी (Apple Company) को 2 वजह दिख रही हैं. पहला, कंपनी हर साल करीब 4 लाख iPhone भारत में बेचती है. इस साल यह संख्या बढ़कर 6 लाख तक जा सकती है. ऐसे में कंपनी को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के साथ ही प्रॉडक्ट को बेचने के लिए बहुत बड़ा मार्केट भी मिल जाएगा. दूसरी वजह ये है कि चीन की तुलना में भारत में लेबर कॉस्ट कम है. साथ ही सरकार ने पिछले कुछ सालों में लाल फीताशाही पर भी प्रभावी ढंग से लगाम लगाई है. इनके चलते बहुराष्ट्रीय कंपनियों का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है.

उद्योगपति रतन टाटा भी देने जा रहे चीन को झटका
अगर ऐपल कंपनी चीन (China) से निकलकर भारत आ जाती है तो चीन के लिए यह पहला बड़ा झटका होगा. उसे दूसरा झटका कारोबारी जगत के धुरंधर रतन टाटा देने जा रहे है. उनके नेतृत्व वाला टाटा ग्रुप (Tata Group) भी अब स्मार्टफोन के कारोबार में एंट्री करने जा रहा है. इस संबंध में कंपनी की लगातार ताइवानी कंपनी Wistron Corp के साथ बातचीत चल रही है. यह कंपनी भी iPhone बनाती है. टाटा ग्रुप (Tata Group) इस ताइवानी कंपनी का अधिग्रहण करके शानदार तरीके से स्मार्टफोन सेक्टर में एंट्री करना चाहता है.

दुनिया में iPhone का मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत
बिजनेस एनालिस्ट जेपी मार्गन की रिपोर्ट के मुताबिक अगले कुछ सालों में स्मार्टफोन खासकर iPhone के निर्माण के मामले में भारत दुनिया का सरताज होगा. वर्ष 2025 तक दुनिया में बिकने वाले सभी iPhone के करीब 25 फीसदी का निर्माण भारत में शुरू हो जाएगा. सीधे शब्दों में कहें तो 3 साल बाद दुनिया में बिकने वाला हर चौथा iPhone मेड इन इंडिया होगा. इससे जहां भारत आर्थिक रूप से और मजबूत होगा. वहीं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निकल जाने से चीन अंदर से खोखला होता जाएगा.