China Taiwan Tension: ताइवान के लिए 5 महीने बेहद मुश्किल, दिसंबर तक डराएगा चीन!

China v/s Taiwan : ताइनाव और चीन के बीच इन दिनों तनाव का माहौल बना हुआ है। इसी बीच दुनियाभर की नजर चीन ताइवान पर टिकी हुई हैं। इसी बीच आइए जानते हैं ताइवान को लेकर ज्योतिष की गणना क्या कहती है। क्या ताइवान पर इन दिनों संकट के बादल मंडरा रहे हैं ?

China Taiwan Tension: 5 months very difficult for Taiwan, China will scare till December!
China Taiwan Tension: 5 months very difficult for Taiwan, China will scare till December!
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चीन ताइवान के बीच तनाव पर इन दिनों पूरी दुनिया की नजर है। एक तरफ रूस यूक्रेन के साथ युद्ध में उलझा हुआ है तो दूसरी ओर चीन ताइवान के तनाव के बीच अमेरिका सहित कई देशों के बीच समीकरण पर भी चर्चा हो रही है। वैश्विक राजनीति में चीन ताइवान और अमेरिका के बीच बढा तनाव तीसरे विश्व युद्ध की आशंका से भी लोगों को डरा रहा है। आइए जानते हैं ताइवान चीन विवाद को लेकर क्या कहता है ज्योतिष गणित क्या चीन दुनिया को विश्व युद्ध के करीब ले आएगा। क्या ताइवान पर इन दिनों संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वैसे आपको बता दें कि ज्योतिषीय गणित यह दिखा रहा कि इस वर्ष के अंत तक ताइवान को चीन से बड़ा खतरा है। चीन का ताइवान की सीमाओं के निकट आक्रामक युद्धअभ्यास दुनियाभर के सामरिक और राजनीतिक विश्लेषकों की चर्चा का विषय बना हुआ है।

चीन और ताइवान की स्थापना कुंडलियों की भांति उनके पारस्परिक संबंधों का इतिहास भी रक्तरंजित और बेहद जटिल है। 1895 में जापान से हुई युद्ध में पराजय के बाद चीन को ताइवान उसे सौपना पड़ा। ठीक इस घटना के 50 वर्ष के बाद जापान के दूसरे विश्वयुद्ध में हार जाने पर ताइवान उसके चंगुल से आज़ाद हुआ किन्तु तब तक चीन में कम्युनिस्टों और लोकतंत्र समर्थक राष्ट्रवादी दलों के बीच संघर्ष अपने चरम पर था। चीन के इस गृह-युद्ध में माओत्सेतुंग के नेतृत्व में कम्युनिस्ट पार्टी ने चीन की मुख्यभूमि पर कब्ज़ा जमा लिया तथा राष्ट्रवादी पार्टी के नेता च्यांग काई शेक के हिस्से में केवल ताइवान का छोटा से द्वीप आया। ताइवान की स्थापना कुंडली 25 अक्टूबर 1945 को मध्यरात्रि राजधानी ताइपे की है जब वह जापान से आज़ाद हुआ था। कर्क लग्न की इस कुंडली में लग्न में ही पाप ग्रह मंगल और शनि की अशुभ युति है जिस कारण जन्म से ही इस राष्ट्र को गृह-युद्ध का सामना करना पड़ा।

ताइवान को विपुल संपदा का मालिक बना रहा
चंद्रमाताइवान की कुंडली में लग्न केअधिपति होकर चंद्रमा लाभ स्थान यानी एकादश भाव में अपनी मूलत्रिकोण राशि वृषभ में विराजमान हैं जिस पर भाग्य भाव के स्वामी गुरु की नवीं दृष्टि पड़ रही है जिससे एक बड़ा धन योग बन रहा है। अपने जन्म से ही ताइवान को पश्चिमी देशों विशेषकर अमेरिका और जापान का सहयोग मिला जिसके दम पर यह राष्ट्र आज तकनीक के क्षेत्र में एक अग्रणी देश है। ताइवान की चिप और सेमीकन्डक्टरों का निर्माण करने वाली कंपनियां दुनिया के आधे से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के लिए उत्पाद बनाती हैं।

दिसंबर तक ताइवान पर मंडराएंगे संकट के बादल
ताइवान की कुंडली में भूमि स्थान यानी चतुर्थ भाव का स्वामी शुक्र है जो अपनी नीच राशि कन्या में बैठा है। जबकि विवाद स्थान यानी छठे घर का स्वामी गुरु कुंडली के तीसरे में घर जिसे पड़ोसी स्थान कहते हैं उसमें शुक्र के साथ संयोग बनाकर बैठा है। गुरु और शुक्र के इस संयोग पर युद्ध यानी सप्तम भाव और विनाश स्थान यानी अष्टम भाव के स्वामी शनि की अशुभ दृष्टि है। वर्तमान में केतु की महादशा में शुक्र की अशुभ दशा 15 अक्टूबर 2021 से 15 दिसंबर 2022 तक चलेगी। इस कमज़ोर शुक्र की अन्तर्दशा में ताइवान के कुछ हिस्से पर चीन सैन्य कार्यवाही कर सकता है। साल के अंत तक ताइवान पर चीन का खतरा मंडराता रहेगा।

चीन और ताइवान पर भारी 8 नवंबर का चंद्र ग्रहण
8 नवंबर को मेष राशि में पड़ने वाला चंद्र ग्रहण चीन और ताइवान दोनों के बीच तनाव बढ़ा सकता है। इससे पहले वृषभ राशि में मंगल का गोचर 8 अगस्त को होगा जिसके बाद चीन ताइवान की घेराबंदी तेज़ कर सकता है। इस वर्ष मंगल वृषभ राशि में वक्री होकर 5 माह तक रहेंगे जिसके चलते चीन और ताइवान के बीच सीमित क्षेत्र में सैन्य संघर्ष हो सकते हैं। चीन की मकर लग्न की कुंडली में लग्न और चंद्र दोनों पर गोचर में शनि का वक्री होकर आना भी इस वर्ष के अंत तक ताइवान के लिए शुभ नहीं है। इससे ताइवान को सैन्य और राजनीतिक संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। चीन और ताइवान के संघर्ष के चलते दुनियाभर में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतें में अगले कुछ महीनो तक तेज़ी बनी रहेगी।