मुजफ्फरनगर शहर की सड़कों को बिना अनुमति खोद डालने की जांच कराने की मांग

जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए कंपनी की मनमानी को रोकने और शहर की सड़कों को बिना अनुमति और नियम विरु( खोद डालने की जांच कराने की मांग

Demand for investigation of digging the roads of Muzaffarnagar city without permission
Demand for investigation of digging the roads of Muzaffarnagar city without permission
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मुजफ्फरनगर। नगरीय विकास में विभागीय स्तर पर आपसी समन्वय नहीं होने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। वर्षों की तपस्या और विभाग से अफसर तक के दर की परिक्रमा के बाद जब विकास की मुराद पूरी होती है तो इसके बाद दूसरे विभाग की अदूरदर्शिता किये कराये काम पर पानी फेरने के लिए आतुर हो जाती है। वर्तमान में कई वर्षों से शहर में गैस पाइप लाइन डालने का काम किया जा रहा है। इसके लिए शुरूआत में ही विभागीय स्तर पर समन्वय बनाकर कार्य करने की बात कंपनी ने की थी, लेकिन कंपनी ने अपनी मनमानी के चलते पूरे शहर को बदसूरत बनाकर रख दिया है। ऐसे में सभासद ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए कंपनी की मनमानी को रोकने और शहर की सड़कों को बिना अनुमति और नियम विरु( खोद डालने की जांच कराने की मांग की है। इसके लिए सभासद की शिकायत पर डीएम ने ईओ पालिका को मामले की जांच कराने और कंपनी के साथ मिलकर समन्वय बनाने के निर्देश दिये हैं।

बता दें कि जनपद में घरों को ईंधन के रूप में एलपीजी सप्लाई करने के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ;आईजीएलद्ध ने केन्द्रीय प्रोजेक्ट के रूप में गैस पाइप लाइन बिछाने और घरों को एलपीजी कनेक्शन देने के लिए काम शुरू किया था। कंपनी ने दावा किया था वह शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करेगी ताकि सड़कों को ज्यादा नुकसान न पहुंचे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है। कंपनी ने मनमाने ढंग से शहर में गैस पाइप लाइन को बिछाने के लिए सड़कों की जहां तहां खुदाई शुरू की और फिर अपनी मनमर्जी से ही गैस पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया। इस दौरान नगरपालिका परिषद् के द्वारा शहर में नवनिर्मित सड़कों को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया, जिससे विकास की सूरत ही बदसूरत हो गयी। इस मामले में वार्ड 13 के सभासद अरविन्द धनगर ने जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह से शिकायत की है। उनके द्वारा तहसील दिवस के अवसर पर सदर तहसील में जिलाधिकारी से मिलकर आईजीएल कंपनी के द्वारा की जा रही मनमानी कार्यवाही को रोकने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि उनके ही वार्ड में नगरपालिका परिषद् से कई सड़कों का निर्माण हाल ही में कराया गया है। सड़क बनने के दौरान कंपनी को गैस पाइप लाइन बिछाने की याद नहीं आई, लेकिन जैसे ही सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ तो कंपनी के लोगों ने सड़कों को खोदने का काम शुरू कर दिया और जगह जगह गडढे कर दिये गये। इससे सड़क फिर से गडढों में तब्दील हो गयी। उन्होंने कहा कि गैस पाइप लाइन बिछाने के कार्य में गंभीर अनियमितता कंपनी के द्वारा की जा रही है। न तो सड़क खोदने के लिए पालिका प्रशासन से कोई एनओसी ली जा रही है और न ही कोई शुल्क ही जमा कराया जा रहा है। इससे लोगों में भी रोष बना हुआ है। आईजीएल कंपनी के द्वारा सड़कों को खोदने के बाद उनकी मरम्मत या गडढों को भरने का कार्य नहीं किया जा रहा है। इससे सड़क पर मिट्टी और गडढों के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। सभासद ने बताया कि डीएम ने उनकी शिकायत पर ईओ पालिका को इस मामले में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही कंपनी के लोगों को भी नियमानुसार विभागीय एनओसी प्राप्त करने और समन्वय बनाकर गैस पाइप लाइन डालने का कार्य करने के निर्देश दिये हैं।