जीएसटी पर वित्त मंत्री का बडा ऐलानः ये चीजें हुई GST से बाहर-यहां जानें पूरी खबर

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नई दिल्ली. रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट लेने और डॉरमेट्री में ठहरने जैसी सुविधाओं को जीएसटी से बाहर कर दिया गया है। अब ऐसी सुविधाओं पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने शनिवार को जीएसटी परिषद की बैठक के बाद फैसलों की जानकारी।

जीएसटी परिषद् ने रेलवे की ओर से आम लोगों को दी जाने सेवाओं पर बड़ा फैसला लिया है। रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट लेने के अलावे डॉरमेट्री, वेटिंग रूम, क्लॉक रूम और बैट्री ऑपरेटेड वाहनों के इस्तेमाल जैसी सुविधाओं को जीएसटी से बाहर कर दिया गया है। अब ऐसी सुविधाओं पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी अब जीएसटी नहीं देना होगा। किसी खास समाज की ओर से चलाए जा रहे हॉस्टल पर भी जीएसटी देय नहीं होगा अगर कोई व्यक्ति वहां 90 दिन लगातार रहते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह जानकारी दी। सरकारी मुकदमेबाजी को कम करने के लिए जीएसटी परिषद ने विभाग की ओर से अपील दायर करने के लिए जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए 20 लाख रुपये, उच्च न्यायालय के लिए 1 करोड़ रुपये और सुप्रीम कोर्ट के लिए 2 करोड़ रुपये की मौद्रिक सीमा की सिफारिश की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को जीएसटी परिषद् की बैठक के बाद ये बातें कही।

सभी प्रकार के दूध के डब्बों पर 12% जीएसटी का प्रस्ताव
53 वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “परिषद ने सभी दूध के डिब्बे पर 12% की एक समान जीएसटी दर निर्धारित करने की सिफारिश की है। इसका मतलब है कि स्टील, लोहा, एल्यूमीनियम के बने जो भी केन दूध के डिब्बे के तौर पर प्रयोग होंगे उन पर नई दरें लागू होंगी। परिषद ने सभी कार्टन बॉक्स, कॉरिगेटेड और ननकॉरिगेटेड कागज या पेपर बोर्ड सभी पर 12% की एक समान जीएसटी दर निर्धारित करने की भी सिफारिश की है। इस फैसले से विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के सेब किसानों को फायदा होगा। वित्त मंत्री के अनुसार परिषद ने यह भी स्पष्ट किया और सिफारिश की है कि फायर वाटर स्प्रिंकलर सहित सभी प्रकार के स्प्रिंकलर पर 12% जीएसटी लगेगा।

अपीलीय प्राधिकरण से जुड़ी यह सिफारिश की गई
परिषद ने यह भी सिफारिश की है कि अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर करने के लिए पूर्व-जमा की अधिकतम राशि 25 करोड़ रुपये सीजीएसटी और 25 करोड़ एसजीएसटी से घटाकर 20 करोड़ रुपये सीजीएसटी और 20 एसजीएसटी कर दी की। यह अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर करने के लिए पूर्व-जमा की अधिकतम राशि है। परिषद ने सीजीएसटी अधिनियम के प्रावधानों में संशोधन करने का भी निर्णय किया है और सिफारिश की है कि जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दायर करने के लिए तीन महीने की अवधि उस दिन से शुरू होगी जिसे सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष ने पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने बताया करदाताओं द्वारा अपील की गई टैक्स फाइलिंग दाखिल करने की अवधि 5 अगस्त 2024 को समाप्त हो जाएगी। वित्त मंत्री ने बताया कि इस बार जीएसटी परिषद की बैठक में ऑनलाइन गेमिंग पर कोई चर्चा नहीं की गई।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मिली यह जिम्मेदारी
53वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को दर युक्तिकरण के जीओएम का अध्यक्ष बनाया गया है। अगली बैठक में सम्राट चौधरी इसके लिए किए गए कार्यों पर यथास्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।” इसके बाद दरों को तर्कसंगत बनाने का काम शुरू होगा। वित्त मंत्री ने बताया कि छोटे करदाताओं को फायदा देने के लिए जीएसटीआर 4 फाइल करने की समय सीमा को जून 30 कर दिया गया है। GSTR 1 में बदलाव करने कि सुविधा दी गई है. GSTR 1 A के नाम से नया फॉर्म लाया जाएगा।