राजस्थान में दलित छात्र की मौत से हालात बेकाबू, भारी तनाव, इंटरनेट बंद, जानें ताजा हालात

राजस्थान के जालोर में इस समय जबरदस्त तनाव चल रहा है. दलित छात्र की मौत के बाद से इलाके में 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद करने का ऐलान हो चुका है. राजस्थान सरकार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात भी कही है.

Heavy rain alert in Rajasthan for next 2 days: Heavy rain in Jodhpur and Pali
Heavy rain alert in Rajasthan for next 2 days: Heavy rain in Jodhpur and Pali
इस खबर को शेयर करें

जालोर। राजस्थान के जालोर में जब से एक दलित छात्र की मौत हुई है, इलाके में तनाव काफी ज्यादा बढ़ चुका है. स्थिति को देखते हुए जालोर में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. अभी इस समय स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश है, आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग हो रही है. बीजेपी ने भी इस मुद्दे को राजस्थान के खराब होते माहौल और हाथ से निकलती कानून व्यवस्था से जोड़ दिया है.

क्या हुआ मासूम के साथ?

जानकारी के लिए बता दें कि जालोर में 9 साल के एक बच्चे ने जब स्कूल के मटके को पानी पीने के लिए छुआ, तो उसे स्कूल टीचर ने इतना पीटा कि उसकी कान की नस फट गई. बाद में जब उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया तो इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. दलित छात्र की मौत से इलाके में काफी गुस्सा है, दलित संगठन भी अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. अभी के लिए पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है और राजस्थान सरकार ने भी मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.

सीएम गहलोत ने क्या कहा है?

इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है- जालौर के सायला थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल में शिक्षक द्वारा मारपीट के कारण छात्र की मृत्यु दुखद है. आरोपी शिक्षक के विरुद्ध हत्या व SC/ST एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जा चुकी है. मामले की तेजी से जांच और दोषी को जल्द सजा के लिए इसे केस ऑफिसर स्कीम में लिया गया है. पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलवाना सुनिश्चित किया जाएगा.

लेकिन ये मामला इतना बड़ा है कि एक आर्थिक सहायता से शांत नहीं होने वाला है. राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर शुरू हो चुका है. दलित नेता और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने इस बारे में ट्वीट कर कहा है- देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. वहीं दूसरी तरफ पानी के मटके को छूने पर इतना पीटा गया कि जान ही चली गयी. आजादी के 75 साल बाद भी 9 साल के दलित बच्चे को जालोर मे जातिवाद का शिकार होना पड़ा. हमें पानी के मटके को छूने की भी आजादी नहीं, फिर क्यों आजादी का झूठा ढिंढोरा पीट रहे हैं?

बीजेपी का क्या रुख?

इसके अलवा राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट किया है कि सुराणा, जालोर के नौ वर्ष के विद्यार्थी की ऐसी क्या गलती थी कि उसे पीटकर गहरे जख्म दिए जिससे उसकी मौत हो गई? इसका जिम्मेदार कौन है? मुख्यमंत्री जी आपके राज में एक वंचित वर्ग का छात्र सुरक्षित नहीं है. वहीं कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी ने भी इस मामले की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि ये घटना डराने वाली है. ये बात समझ से परे है कि लोग कैसे खुद को दूसरे से ज्यादा बड़ा या महान समझ लेते हैं.