यूपी में साइबर अपराध को लेकर हाईकोर्ट सख्त, डीजीपी से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट साइबर अपराध को लेकर सख्त नजर आ रहा है. हाईकोर्ट ने डीजीपी यूपी से पूछा है कि साइबर क्राइम व एनडीपीएस एक्ट के अपराधों से कारगर तरीके से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं?

High court strict regarding cyber crime in UP, sought response from DGP
High court strict regarding cyber crime in UP, sought response from DGP
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प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट साइबर अपराध को लेकर सख्त नजर आ रहा है. हाईकोर्ट ने डीजीपी यूपी से पूछा है कि साइबर क्राइम व एनडीपीएस एक्ट के अपराधों से कारगर तरीके से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं? कोर्ट ने कहा कि यह देखने में आ रहा है कि साइबर क्राइम और एनडीपीएस एक्ट के अपराध का दायरा सिर्फ एक राज्य तक नहीं होता, यह देश के कई राज्यों में फैला होता है. ऐसे में जरूरी है कि अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्र सरकार से बेहतर तालमेल व समन्वय स्थापित किया जाए. इस बाबत कोर्ट ने डीजीपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर जवाब देने को कहा है.

हाईकोर्ट ने डीजीपी से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा
दरअसल, कोर्ट ने डीजीपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा है कि अन्य राज्यों की पुलिस व केंद्र सरकार से तालमेल बैठाने के लिए यूपी पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं. यह आदेश जस्टिस अजय भनोट की एकलपीठ ने गौतम बुद्ध नगर के मोहम्मद रियाज की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है. बता दें कि याची के खिलाफ गौतम बुद्ध नगर के साइबर थाने में मुकदमा दर्ज है.

अभियुक्त जम्मू कश्मीर का रहने वाला
आपको बता दें कि याची आरोप है कि उसके द्वारा कई अन्य लोगों के साथ मिलकर साइबर अपराध से बैंकों में फर्जी खाते खुलवाकर लोगों की रकम हड़प ली गई. इस बाबत सरकारी वकील ने मामले में विवेचना की जानकारी देने के लिए समय की मांग की. उन्होंने बताया कि इस अपराध से संबंधित एक अभियुक्त जम्मू कश्मीर का रहने वाला है. कोर्ट ने अपर शासकीय अधिवक्ता को उन बैंक खातों की जानकारी देने के लिए कहा है, जिनसे लेनदेन किया गया. साथ ही बैंक की सुरक्षा तोड़ने की मॉडस ऑपरेंडी बताने का भी निर्देश दिया है.