आपदा में भूमिहीन हुए लोगों को जमीन देगी हिमाचल सरकार, CM सुक्खू के मंत्री ने किया ऐलान

Himachal government will give land to the people who became landless in the disaster, CM Sukhu's minister announced
Himachal government will give land to the people who became landless in the disaster, CM Sukhu's minister announced
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शिमला: हिमाचल प्रदेश के भूमिहीनों के लिए सुक्खू सरकार ने खुशखबरी दी है। सुक्खू सरकार में मंत्री जगत सिंह नेगी ने आपदा में भूमिहीन हुए लोगों के लिए जमीन देने का ऐलान किया है। मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार आपदा में बिना जमीन के हो गए लोगों को सरकार घर बनाने के लिए जमीन देने का ऐलान किया है।

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा सदस्य दलीप ठाकुर के सवाल के जवाब में कहा कि जहां पर एफसीए से बाहर की जमीन है, वहीं पर प्रभावित और भूमिहीन लोगों को आवास बनाने के लिए शहरी इलाकों में दो बिस्वा और ग्रामीण इलाकों में तीन बिस्वा भूमि उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि वन भूमि को हासिल करने के लिए एफसीए की इजाजत लेनी पड़ती है। इसके लिए सरकार कोशिश कर रही है, ताकि लोगों को राहत मिल सके। जगत सिंह नेगी ने विधायक को सलाह दी कि सरकाघाट में प्रभावितों के आवास बनाने के लिए एफआरए के तहत जमीन प्राप्त करने के लिए प्रयास करने को कहा। राजस्व मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में सरकार डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत पुनर्वास के लिए क्या किया जा सकता है, उसका अध्ययन कर रही है।

हिमाचल सरकार ने शराब पर मिल्क सेस लगाकर 90 करोड़ से अधिक की कमाई की है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि शराब की प्रत्येक बोतल की बिक्री पर लगाए गए मिल्क सैस से अभी तक 90 करोड़ 77 लाख, 99 हजार 232 रुपए की कमाई की है। यह राजस्व एक अप्रैल 2023 से लेकर 31 जनवरी तक का है और इस वित्त वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपए के आंकड़े को छुएगा। उन्होंने कहा कि मिल्क सैस का पैसा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। वे सोमवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का जवाब दे रहे थे।

चौहान ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में नई आबकारी नीति के तहत शराब की खुदरा दुकानों की नीलामी ऑक्शन कम टेंडर के माध्यम से की गई थी। नीलामी के लिए खुदरा दुकानों के लिए आरक्षित राशि 1446 करोड़ रुपए रखी थी, जो बढ़ाकर 1815 करोड़ रुपए में नीलाम की गई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में यह करीब 40 फीसदी अधिक है।