हिमाचल में नशे की ओवरडोज से युवक की मौत, दोस्तों ने बोरी में बांधकर दबा दिया शव

छात्र नशे का आदी था और कुछ दोस्तों के साथ नशे के ओवरडोज से उसकी मौत हुई। डर के मारे दोस्तों ने उसके शव को बोरे में बांधकर खड्ड में दफना दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

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टिहरा/धर्मपुर (मंडी): हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में धर्मपुर के थडू गांव से 26 अप्रैल को लापता हुए 19 साल के धीरज का शव पुलिस ने गुरुवार को बकरखड्ड से बरामद किया। शव को रस्सी से बांधकर दबाया गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि छात्र नशे का आदी है। कुछ दोस्तों के साथ नशा करते वक्त ओवरडोज से उसकी मौत हुई है। डर के मारे दोस्तों ने शव को बोरी में बांधकर खड्ड में दफना दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। दो अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। युवक समीरपुर (हमीरपुर) में आईटीआई में पढ़ाई कर रहा था। 26 अप्रैल से वह गायब था। उसके पिता बलदेव ने पुलिस थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मोबाइल लोकेशन से पुलिस मामले की तह तक पहुंची।

26 अप्रैल को अंतिम बार फोन पर हुई थी बात
पुलिस के अनुसार धीरज बाइक लेकर 26 अप्रैल को हमीरपुर स्थित आईटीआई निकला था। रास्ते में पारुल गांव झड़ियार, ढगवानी गांव के युवक विक्रांत तथा जाहू के प्रिंस से मिला। सभी ने खुद को नशे के इंजेक्शन लगाए। रात को धीरज घर नहीं पहुंचा तो पिता ने मोबाइल पर फोन किया। धीरज के पिता के अनुसार उसने बताया कि वह झड़ियार गांव के पारुल के साथ ठहरा है। धीरज के पिता ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनका लड़का भी नशे का आदी था। पारुल ने उसे जबरदस्ती नशा करवाया तथा उसके बाद नशे की ज्यादा डोज पिलाने के बाद उसकी मौत हो गई। एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि पारुल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर दिया गया है। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। अन्य दो युवकों विक्रांत और प्रिंस से पूछताछ की जा रही है। मृतक का बिसरा जांच को भेजा है।

धीरज के फोन की लोकेशन से खुला रहस्य, मिला शव
धीरज के फोन की लोकेशन से उसकी लोकेशन का रहस्य खुला। पिता बलदेव ने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दो मई को सरकाघाट पुलिस थाने में की थी। बेटे के नशे का आदी होने की बात कहकर कुछ युवकों पर शक जताया था। पुलिस ने लापता युवक के फोन की लोकेशन संदिग्ध युवकों के फोन की लोकेशन से खंगाली तो मामला साफ हो गया। पारुल को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद उसने सच्चाई उगल दी। उसने दो अन्य युवकों विक्रांत और प्रिंस के नाम बताए। कहा कि रात को जब चारों ने नशे के इंजेक्शन लगाए तो धीरज ने ओवरडोज ले ली। उसकी थोड़ी देर बाद मौत हो गई। इससे तीनों युवक डर गए। पहले उसकी बाइक को घर से विपरीत दिशा में मोरतन गांव के साथ लगते नाले में खड़ा किया तथा उसके बाद धीरज के शव को बोरे में लपेट कर नलयाना गांव के नीचे बकरखड्ड में दबा दिया। फिर अपने घर चले गए। पारुल के बयान पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया। उसके बाद पुलिस पारुल को लेकर उस स्थान पर लेकर गई, जहां धीरज को दफनाया गया था। पारुल की निशानदेही पर धीरज के शव को खोदकर निकाला। शव सड़ी-गली हालत में था। पुलिस के अनुसार शव की हालत इतनी खराब थी कि नागरिक अस्पताल सरकाघाट से डॉक्टरों के साथ और मंडी से फोरेंसिक विशेषज्ञों के दल को बुलाना पड़ा। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक भेज दिया है, वहीं पोस्टमार्टम होगा।