बिहर में अपराधियों ने पिता-पुत्र को ताबड़तोड़ गोलियों से भूना, घटनास्थल पर ही मौत

In Bihar, criminals shot father and son with bullets, they died on the spot.
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भोजपुर: भोजपुर में मंगलवार की सुबह दिनदहाड़े हथियारबंद बदमाशों ने पिता–पुत्र को गोलियों से भून डाला। इस घटना में घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई। पिता को चार गोली लगी है, जबकि बेटे के पेट के बीचो-बीच गोली लगी। इस दिनदहाड़े हत्या के वारदात के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना उदवंतनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रघुनीपुर गांव की है। घटना को सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है। मृतकों में उदवंत नगर थाना क्षेत्र के रघुनीपुर गांव निवासी स्वर्गीय बली सिंह के पुत्र रामाधार सिंह (65) और उनका बेटा मुकेश यादव (35) शामिल है।

2009 से चल रहा था दो कठ्ठे जमीन का विवाद
घटना के संबंध में मृतक के दूसरे बेटे जगेश ने बताया कि 2009 से चले आ रहे दो कठ्ठे जमीन के विवाद को लेकर गांव के ही कुछ दबंगों से विवाद चल रहा था। मंगलवार की सुबह जब पूरा परिवार खेत में गेहूं काट रहा था, तभी हथियार से लेश कुछ दबंग खेत में आ धमके और ताबड़तोड़ फायरिंग कर मेरे पिता के सिर में और भाई के पेट में गोली मार दी। जगेश ने बताया कि इस दौरान उक्त लोगों के द्वारा मुझ पर भी फायरिंग की गई लेकिन हम वहां से अपनी जान बचाकर भाग निकले।

छापेमारी में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद एएसपी परिचय कुमार अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। एएसपी परिचय कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटना के संबंध में उन्होंने बताया कि काफी सालों से इन लोगों का जमीनी विवाद चल रहा था, जब यह लोग खेत में काम कर रहे थे, तभी कुछ लोगों के द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। कुछ लोगों का नाम सामने आया है, जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

इस घटना में अब तक दोनों पक्ष से 8 लोगों की हो चुकी है हत्या
2009 से शुरू हुए इस विवाद में दोनों पक्ष से 8 लोगों की हत्या हो चुकी है। इस घटना में आज जिनकी हत्या हुई है वह यादव समाज से आते हैं। 2009 से ही पटीदार से दो कट्ठा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस हत्या से पहले बीच में भी कई बार विवाद हुआ था। 2009 में ही मृतक के बड़े भाई रामसेवक सिंह, संतोष कुमार भतीजा और एक बहु का अपहरण कर हत्या हुई थी। उस दौरान विनोद यादव, अमन यादव और चमन यादव पर हत्या का आरोप लगा था। आज भी हत्या का आरोप इन्हीं तीनों पर लगा है। वहीं 2009 में ही विनोद यादव का पटीदार शिवमंगल यादव, काशीनाथ सिंह और ललन यादव की हत्या हुई थी, जिसमें मृतक रामाधार सिंह जेल गया था। आज अहले सुबह रामाधार सिंह की हत्या की गई है। मृतक रामाधार सिंह, शिवमंगल यादव, काशीनाथ यादव और ललन यादव की हत्या के मामले में 2011 से 2023 तक जेल में बंद था।