देवरिया हत्‍याकांड की इनसाइड स्‍टोरीः बदले की भडकी ऐसी आग, जो भी सामने आया मारती गई भीड़, बच्चियों तक को…

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देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया में 6 लोगों की हत्या के मामले ने सोमवार की सुबह सनसनी मचा दी। गांधी जयंती के मौके पर जहां देश सत्य और अहिंसा जैसे उनके बताए गए रास्तों पर चलने की शपथ ले रहा है। देवरिया जिले के रुद्रपुर के फतेहपुर के लेड़हां टोला गांव में हिंसा की खबरें आने लगीं। जमीन विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में 6 लोगों की हत्या की सूचना ने पुलिस, प्रशासन से लेकर आम लोगों को हिलाकर रख दिया। हिंसक भीड़ ने छोटे-छोटे बच्चे-बच्चियों तक को नहीं छोड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही आनन-फानन में गांव में स्थानीय थानों से पुलिस को भेजा गया। दो पक्षों का विवाद देखते ही देखते दो जातियों के बीच का मामला बन गया। दोनों वर्गों के लोग सामने आ गए। गाड़ियों को आग लगाने और हिंसा की खबरें सामने आने लगी।

घटना के बाद मामले को शांत कराने और कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। डीएम और एसपी स्वयं गांव पहुंच चुके हैं। लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। कानून व्यवस्था की स्थिति को बहाल करने की कोशिश की जा रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने देवरिया की घटना को संज्ञान में लिया है। उन्होंने 6 लोगों की हत्या पर दुख जताया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने तत्काल इस मामले में कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों के इलाज का समुचित प्रबंध करने का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने कहा है कि घटना में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। मामले में जो भी आरोपी होंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

क्या है पूरा मामला?

रूद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर ग्राम पंचायत में सोमवार की सुबह जमीन विवाद में खूनी संघर्ष हुआ। लेड़हां टोला गांव के सत्य प्रकाश दुबे और गांव के ही अभयपुरा टोला निवासी प्रेमचंद यादव के बीच लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा था। दोनों परिवारों में लगातार झगड़े होते रहते थे। सोमवार की सुबह जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की हत्या की खबर सामने आई। प्रेम यादव की हत्या का जिम्मेदार सत्य प्रकाश दुबे को माना गया। प्रेम यादव के परिजनों ने इस हत्याकांड का बदला लेने की ठानी। उन्होंने सत्य प्रकाश यादव के घर पर हमला बोल दिया।

प्रेम यादव के परिजनों ने लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और बंदूकों के साथ हमला बोला था। सत्य प्रकाश दुबे के पड़ोसी जब तक कुछ समझ पाते, उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद हमलावरों ने सत्य प्रकाश दुबे की पत्नी, एक अन्य व्यक्ति और दो बच्चों को निशाना बनाया। हमले में पांचों की मौत हो गई। वहीं, हमले में गंभीर रूप से घायल एक बच्ची की हालत नाजुक बताई जा रही है।

हमलावरों ने किसी को नहीं छोड़ा

सत्य प्रकाश दुबे पर हमला करने आई भीड़ के माथे पर खून सवार थे। वे किसी को छोड़ने के मूड में नहीं थे। प्रेम यादव की हत्या से आक्रोशित लोग हर किसी को मार गिराने के मूड में दिख रहे थे। सामने जो भी आया पर जानलेवा हमला किया। सबसे पहले प्रेम यादव की हत्या का आरोपी मान रहे सत्य प्रकाश दुबे को गोली मारी। इसके बाद उनका गला काटा गया। हत्यारी भीड़ ने दो छोटे-छोटे बच्चों को भी मार गिराया। एक बच्ची इस हमले में जिंदा बची है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद बढ़ा बवाल

घटना के बाद लेड़हां टोला गांव में बवाल बढ़ गया। सत्य प्रकाश दुबे के घर के बाहर जमा लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। गांव में जगह-जगह हिंसा की घटना को अंजाम दिया जाने लगा। एक गाड़ी को हिंसक भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही डीएम अखंड प्रताप सिंह और एसपी संकल्प शर्मा के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात है। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लिया है। उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। डीएम और एसपी गांव में माहौल को शांत कराने की कोशिश में जुटे हुए हैं। दो पक्षों के विवाद को दो जातियों के बीच का मामला बनाए जाने की कोशिशों को रोकने की कोशिश की जा रही है।