ब‍िकने वाली है हल्दीराम स्‍नैक्‍स? हजारों करोड़ की डील की दौड़ में कौन सी कंपन‍ियां शाम‍िल

Is Haldiram Snacks going to be sold? Which companies are involved in the race for deals worth thousands of crores?
Is Haldiram Snacks going to be sold? Which companies are involved in the race for deals worth thousands of crores?
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Haldiram Snacks Deal: देश की द‍िग्‍गज स्‍नैक्‍स कंपनी हल्दीराम स्‍नैक्‍स फूड प्राइवेट लिमिटेड (Haldiram Snacks Food Pvt Ltd) पर दुन‍ियाभर की बड़ी कंपन‍ियों की न‍िगाह है. हल्दीराम में माल‍िकाना हक खरीदने के ल‍िए दुन‍िया की कई बड़ी कंपन‍ियों के बीच होड़ है. इकोनॉमिक्स टाइम्स में प्रकाश‍ित रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट इक्‍व‍िटी फंड ब्लैकस्टोन (Blackstone), जीआईसी सिंगापुर (GIC Singapore) और अबु धाबी इन्‍वेस्‍टमेंट अथॉरिटी (ADIA) की तरफ से हल्‍दीराम में ह‍िस्‍सेदारी खरीदने का प्रस्‍ताव द‍िया गया है.

एक हफ्ते पहले भेजा शेयर खरीदने का प्रस्‍ताव

तीनों ही कंपन‍ियों ने संयुक्‍त रूप से म‍िलकर हल्दीराम स्‍नैक्‍स में कंट्रोलिंग शेयर खरीदने का प्रस्‍ताव कंपनी को करीब एक हफ्ते पहले भेजा है. रिपोर्ट में यह भी दावा क‍िया गया क‍ि हल्‍दीराम की मार्केट वैल्‍यू 8 से 8.5 बिलियन डॉलर (66,400 करोड़ से 70,500 करोड़ रुपये) के बीच आंकी गई है. बताया जा रहा है क‍ि यह बातचीत हल्दीराम के नागपुर और द‍िल्‍ली के बिजनेस में हिस्सेदारी खरीदने की चल रही है.

74 से 76 परसेंट का स्‍टेक लेने का प्‍लान
ब‍िजनेस अखबार म‍िंट की रिपोर्ट में दावा क‍िया गया क‍ि ब्लैकस्टोन के अलावा बेन कैपिटल भी हल्दीराम में कंट्रोल‍िंग शेयर खरीदने की दौड़ में शाम‍िल है. बेन कैपिटल की तरफ से इस बारे में कई दौर की बातचीत हो चुकी है. लेक‍िन अभी कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है. ईटी की रिपोर्ट में दावा क‍िया गया क‍ि ब्लैकस्टोन और उसकी सहयोगी कंपन‍ियां हल्दीराम में 74 से 76 परसेंट का कंट्रोल‍िंग स्‍टेक लेना चाहते हैं. इन तीनों कंपन‍ियों की तरफ से द‍िये गए इस प्रस्‍ताव पर यद‍ि बात बनती है तो इसमें अबुधाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और जीआईसी की हिस्सेदारी ज्‍यादा नहीं रहेगी.

ब्लैकस्टोन की भारत में सबसे बड़ी हिस्सेदारी!
ब्लैकस्टोन की तरफ से द‍िये गए इस प्रस्‍ताव पर मुहर लगती है तो यह ब्लैकस्टोन की भारत में सबसे बड़ी हिस्सेदारी खरीद होगी. हालांक‍ि अभी तक इस पूरे मामले में क‍िसी भी कंपनी की तरफ से आध‍िकार‍िक बयान सामने नहीं आया है. हल्दीराम के नागपुर और दिल्ली बिजनेस के मर्जर के आधार पर इस डील की सफलता न‍िर्भर करेगी. मर्जर को पहले ही सीसीआई ने अप्रैल में अप्रूव कर दिया है. ब्लैकस्टोन इस डील को लेकर काफी उत्‍साह‍ित है. उसने अपने सहयोग‍ियों को इस बारे में पहले ही जानकारी दे दी है.

मर्जर के बाद क्‍या होगा?
अभी हल्दीराम फैमि‍ली का कारोबार तीन हिस्सों में बंटा हुआ है. नागपुर बिजनेस की ज‍िम्‍मेदारी हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और दिल्ली बिजनेस को हल्दीराम स्‍नैक्‍स प्राइवेट लिमिटेड संभालता है. इन दोनों के मर्जर की बात फाइनल होती है तो हल्दीराम स्‍नैक्‍स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से नई कंपनी बनेगी. इस मर्जर के बाद दिल्ली के मनोहर अग्रवाल और मधु सुदन अग्रवाल की इसमें हिस्सेदारी 55 प्रतिशत होगी. वहीं नागपुर के कमलकिशन अग्रवाल की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रहेगी. इस मर्जर प्रोसेस से हल्दीराम को पूर्वोत्तर में बिजनेस दे रही कंपनी अलग है.