अभी-अभी: यूपी में जुमे की नमाज को लेकर बड़ी खबर, भारी फोर्स के बीच…

  एक बार फिर जुमे की नमाज को लेकर पूरे यूपी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कानपुर (Kanpur) पर सबसे ज्यादा नजर रखी जा रही है। यहां तीन जून को हुई हिंसा के बाद से तनाव अभी तक थमा नहीं है।

Just now: Big news about Friday prayers in UP, amidst heavy force...
Just now: Big news about Friday prayers in UP, amidst heavy force...
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लखनऊ:  एक बार फिर जुमे की नमाज को लेकर पूरे यूपी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कानपुर (Kanpur) पर सबसे ज्यादा नजर रखी जा रही है। यहां तीन जून को हुई हिंसा के बाद से तनाव अभी तक थमा नहीं है। कानपुर के हिंसा प्रभावित इलाके में करीब तीन किमी तक के दायरे को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस फोर्स, पीएसी और आरएएफ तैनात कर दी गई है।

इस बीच कानपुर में हिंसा के मामलों की जांच कर रही एसआईटी ने देशभर में रेस्तरां चेन चलाने वाले मुख्तार उर्फ बाबा बिरयानी को बुधवार को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक मुख्तार घातक हथियारों के साथ दंगा और हिंसा करने के तीन मामलों में बेकनगंज पुलिस थाने में नामजद है। एसआईटी के राडार पर कई और संदिग्ध हैं जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर पूछताछ की जा सकती है।

अब तक कुल 59 लोग गिरफ्तार
इससे पहले मंगलवार को एसआईटी ने मोहम्मद फैजान नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया था जिसकी तस्वीर फेसबुक और ट्विटर सहित सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अपलोड की गई थी, फोटो अपलोड किए जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी हो सकी। तिवारी ने कहा कि इन गिरफ्तारियों के साथ अभी तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 59 पर पहुंच गई है।

हाशमी ने पूछताछ में लिया था बाबा बिरयानी का नाम
मुख्तार की गिरफ्तारी तीन जून की हिंसा के मुख्य आरोपी जफर हयात हाशमी के बयान के आधार पर की गई। हाशमी ने पूछताछ में कबूला था कि उसके संगठन को मुख्तार उर्फ बाबा बिरयानी, नामी बिल्डर हाजी वासी और अन्य लोगों से धन मिलता है। एसआईटी ने मौलाना मोहम्मद अली (एमएमए) जौहर फैन्स एसोसिएशन के मुखिया हाशमी को कथित फंडिग के संबंध में पूछताछ और बयान लेने के लिए मुख्तार को बुलाया था। एसआईटी ने कर्नलगंज पुलिस थाना में मुख्तार से चार घंटे पूछताछ की और फिर उसे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आपको बता दें कि बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा के बयान को लेकर कानपुर में तीन जून को हिंसा भड़क गई थी।