अभी अभीः दिल्ली सरकार ने कैसे मचाई लूट! सीबीआई के खुलासे से लोग हैरान, मनीष सिसौदिया ने….

दिल्ली में सीबीआई ने आज उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास समेत देश के 21 ठिकानों पर छापेमारी की है. ये छापेमारी दिल्ली आबकारी नीति में अनियमितताओं के मद्देनजर की जा रही है.

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नई दिल्ली. दिल्ली में सीबीआई ने आज उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास समेत देश के 21 ठिकानों पर छापेमारी की है. ये छापेमारी दिल्ली आबकारी नीति में अनियमितताओं के मद्देनजर की जा रही है. वहीं सीबीआई ने इस मामले में एक एफआईआर भी दर्ज की है, जिसमें मनीष सिसोदिया और चार आबकारी अधिकारियों के नाम शामिल हैं. शराब घोटाले में सीबीआई की एफआईआर में सिसोदिया समेत कुल 15 लोगों के नाम दर्ज हैं. एफआईआर में उन कंपनियों और उनके डायरेक्टर्स को भी आरोपी बनाया गया है, जिन्हें नई एक्साइज नीति में फायदा पहुंचाया गया था. इस एफआईआर में पहला नाम मनीष सिसोदिया का है.

एफआईआर के मुताबिक, एल-1 लाइसेंस होल्डर रिटेल वेंडर्स को गलत तरीके से क्रेडित नोटस जारी कर रहे थे, ताकि आगे फंड को गलत तरीके से डाइवर्ट कर लोक सेवकों को फायदा पहुंचाया जा सके. साथ ही जो एकाउंट बुक हैं, उनमें भी झूठी एंट्री की जा रही थी. एफआईआर में ये भी लिखा है कि आरोपी अमित अरोड़ा मेसर्स buddy रिटेल्स प्राइवेट लिमीटेड के डायरेक्टर दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे, जो कि मनीष सिसोदिया के बेहद करीबी हैं, सभी गलत तरीके से एक्साइज अधिकारियों को अपने प्रभाव में लेकर शराब के लाइंसेंस अलग-अलग कंपनियों को दिलवा रहे हैं.

मनीष सिसोदिया के करीबियों के पास पहुंचता था पैसा
आरोपी समीर महेंद्रू जो कि मेसर्स इंडो स्प्रिट्स के एमडी हैं, उन्होंने एक करोड़ रुपए मेसर्स राधा इंडस्ट्रीज के राजेन्द्र प्लेस स्थित यूको बैंक के एकाउंट में ट्रांसफर किए हैं. राधा इंडस्ट्री मनीष सिसोदिया के बेहद करीबी दिनेश अरोड़ा की है. वही दिनेश अरोड़ा जो कि मनीष सिसोदिया के बेहद करीबी हैं. यानी शक है कि दिनेश के जरिये लाभ मनीष सिसोदिया तक पहुंचा है.

एफआईआर में ये भी लिखा गया है कि आरोपी अरुण राम चन्द्र पिलई गलत तरीके से पैसा इकट्ठा कर जो पब्लिक सर्वेंट थे, उन तक पहुंचाया करता था. विजय नायर नाम के एक शख्स के जरिए. अर्जुन पांडे ने एक बार तकरीबन 2 से 4 करोड़ रुपये इंडो स्प्रिट के मालिक समीर महेंद्रू से विजय नायर के बिहाफ पर लिए भी थे. विजय नायर इन लोक सेवकों (एक्साइज अधिकारी) का मीडियेटर और करीबी बताया जाता है.

महादेव लिकर्स को भी एल-1 लाइसेंस जारी किया गया
एफआईआर के मुताबिक, महादेव लिकर्स को भी एल-1 लाइसेंस जारी किया गया था. इस फर्म में सनी मारवा ऑथोराइज्ड सिग्नेटरी है. साथ ही सनी मरवा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वो उन कंपनियों में भी डायरेक्टर के पद पर है, जो कि स्वर्गीय पोंटी चड्डा से संबधित है. बताया गया है कि सनी मारवा एक्साइज अधिकरियों के बेहद करीबी था और उन्हें गलत तरीके से अक्सर लाभ भी पहुंचाया करता था.