अभी अभीः मूसेवाला मर्डर केस में मनप्रीत की गिरफ्तारी से चौंकाने वाले कई खुलासे. हथियार और गाडियां…

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर में पहली गिरफ्तारी हो गई है। मानसा के मनप्रीत सिंह नामक युवक को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसी ने मूसेवाला के हत्यारों को गाड़ियां और हथियार उपलब्ध करवाए।

Just now: Many shocking revelations from Manpreet's arrest in the Moosewala murder case. Weapons and vehicles...
Just now: Many shocking revelations from Manpreet's arrest in the Moosewala murder case. Weapons and vehicles...
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चंडीगढ़। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर में पहली गिरफ्तारी हो गई है। मानसा के मनप्रीत सिंह नामक युवक को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसी ने मूसेवाला के हत्यारों को गाड़ियां और हथियार उपलब्ध करवाए।

बता दें कि पुलिस ने मूसेवाला की हत्या के एक दिन बाद उत्तराखंड से 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। मनप्रीत भी उन्हीं में से एक है। पुलिस ने मनप्रीत को 5 दिन के रिमांड पर ले लिया। मनप्रीत सिंह का गांव ढपई जवाहरके के पास है जहां मूसेवाला का मर्डर हुआ।

इधर, इसी मामले में पुलिस ने बठिंडा और फिरोजपुर जेल में बंद दो गैंगस्टरों को भी प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। कहा जा रहा है कि इन दोनों को सिद्धू मूसेवाला के मर्डर की साजिश की जानकारी थी। यह दोनों गैंगस्टर जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस को शक है कि इनका संबंध लॉरेंस गैंग से हो सकता है। प्रोडक्शन वारंटर पर लिए गए दो गैंगस्टरों में से एक का नाम मनप्रीत मन्ना बताया जा रहा है।

पुलिस ने सोमवार को ही बठिंडा के भागीबांदर गांव से एक शख्स को उठाया था जो मनप्रीत मन्ना का करीबी है। मूसेवाला के मर्डर में बोलेरो गाड़ी के अलावा जो कार इस्तेमाल हुई, वह इसी शख्स की है। पुलिस को शक है कि उसने मन्ना के कहने पर ही हत्यारों को अपनी कार दी। मनप्रीत मन्ना के अलावा जिस दूसरे गैंगस्टर को प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया है, वह गैंगस्टर कुलवीर नरुआणा के मर्डर में शामिल रहा है।

गैंगस्टर लॉरेंस को दिल्ली पुलिस ने रिमांड पर लिया
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में नाम सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस को रिमांड पर ले लिया। इसके बाद पंजाब पुलिस की एक टीम लॉरेंस से पूछताछ के लिए दिल्ली रवाना हो गई।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने लॉरेंस बिश्नोई को 5 दिन के रिमांड पर लिया है। अब उसे तिहाड़ जेल से बाहर लाकर पूछताछ की जाएगी। इससे पहले मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर लॉरेंस ने अपने एनकाउंटर की आशंका जताते हुए मंगलवार सुबह दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें उसने मांग की कि पंजाब पुलिस को उसकी कस्टडी न दी जाए क्योंकि वहां उसका फेक एनकाउंटर हो सकता है।

सात दिन बाद ADGP लॉ एंड ऑर्डर की नियुक्ति
उधर पंजाब सरकार ने एक हफ्ते से खाली पड़ी ADGP लॉ एंड ऑर्डर की पोस्ट पर मंगलवार को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ईश्वर सिंह की नियुक्ति कर दी। हफ्तेभर पहले आईपीएस अफसर नरेश कुमार के ट्रांसफर के बाद से ADGP लॉ एंड ऑर्डर की पोस्ट खाली थी। इसी बीच सिद्धू मुसेवाला का मर्डर हो गया। प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने के मुद्दे पर घिरते देखकर मंगलवार को भगवंत मान सरकार ने ADGP लॉ एंड ऑर्डर के पद पर ईश्वर सिंह को तैनात कर दिया।

तिहाड़ जेल में रची गई साजिश
सूत्रों के अनुसार, सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद पंजाब पुलिस की ओर से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती जांच में सामने आया कि मूसेवाला की हत्या की पूरी प्लानिंग तिहाड़ जेल में की गई। यह प्लानिंग गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने की जो पंजाब में ही फाजिल्का का रहने वाला है। मूसेवाला की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग के एक पेज पर इसकी जिम्मेदारी भी ली गई। लॉरेंस गैंग की ओर से कहा गया कि लॉरेंस और उसका साथी गोल्डी बराड़ सिद्धू मूसेवाला के मर्डर की जिम्मेदारी लेते हैं।

लॉरेंस गैंग ने मूसेवाला की हत्या की वजह 7 अगस्त 2021 को हुए युवा अकाली नेता विक्की मिड्‌डूखेड़ा के मर्डर को बताया। मिड्‌डूखेड़ा लॉरेंस का करीबी था जिसका मर्डर दविंदर बंबीहा गैंग ने करवाया था। आरोप है कि विक्की मिड्‌डूखेड़ा की हत्या में शामिल शार्प शूटरों को मूसेवाला ने ही पनाह दी थी। लॉरेंस गैंग विक्की मिड्‌डूखेड़ा की हत्या का बदला लेना चाहता था और इसी वजह से सिद्धू मूसेवाला उसके टारगेट पर था।

लॉरेंस पहुंचा दिल्ली हाईकोर्ट
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाला गैंगस्टर लॉरेंस उसके बाद बने माहौल को देखकर दहशत में आ गया। तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस को लगने लगा कि इस माहौल में पंजाब पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है। इसलिए उसने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट (HC) में याचिका लगाई।

लॉरेंस के वकील विशाल चोपड़ा के अनुसार, उसके मुवक्किल पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत केस दर्ज है। उन्होंने मकोका के ट्रायल कोर्ट में याचिका लगाकर लॉरेंस की कस्टडी पंजाब पुलिस को नहीं देने की मांग की थी। वहां से राहत नहीं मिली। इसलिए आज हाईकोर्ट में पिटीशन लगाई है।

बोला- एनकाउंटर की आशंका, तिहाड़ में ही हो पूछताछ
दिल्ली हाईकोर्ट में लगाई याचिका में गैंगस्टर लॉरेंस ने उसकी सिक्योरिटी पुख्ता करने और उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल से बाहर नहीं भेजने के निर्देश जारी करने का आग्रह किया। अपने वकीलों के जरिये लगाई याचिका में लॉरेंस ने मांग की कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में उसकी कस्टडी पंजाब या किसी भी दूसरे राज्य की पुलिस को नहीं देने के निर्देश दिए जाएं, क्योंकि उसका फेक एनकाउंटर किया जा सकता है। लॉरेंस ने अपनी अर्जी में कहा कि किसी भी राज्य की पुलिस चाहे तो तिहाड़ जेल के अंदर उससे पूछताछ कर सकती है।

लॉरेंस के गुर्गे ने ली थी मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी
गौरतलब है कि 29 मई की शाम पंजाब में मानसा जिले के जवाहरके गांव में सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। मूसेवाला के मर्डर के बाद गैंगस्टर लॉरेंस और कनाडा में बैठे उसके गुर्गे गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को ही तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस और काला जठेड़ी से इस बारे में पूछताछ की थी। इससे पहले पंजाब के DGP वीके भावरा मूसेवाला की हत्या को गैंगस्टरों की आपसी लडाई का नतीजा बताते हुए इसमें गैंगस्टर लॉरेंस को लिप्त बता चुके हैं।

मूसेवाला हत्याकांड : अब तक पकड़े संदिग्धों पर क्या शक
इस बीच पंजाब पुलिस अभी तक मूसेवाला के हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, इस मामले में देहरादून, बठिंडा और जालंधर से 8 संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें एक व्यक्ति पर हत्यारों को हथियार और गाड़ियां उपलब्ध करवाने का शक है।

देहरादून से पुलिस ने जो 6 संदिग्ध पकड़े हैं, उनमें मानसा का मनप्रीत सिंह प्रमुख है। उस पर शक है कि उसने ही हमलावरों को हथियार और गाड़ियां उपलब्ध करवाईं। अपना काम अंजाम देने के बाद वह उत्तराखंड में हेमकुंड साहिब की यात्रा पर चला गया। शिमला बाईपास पर गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है।

जालंधर के नकोदर से जगदेव सिंह को हिरासत में लिया गया है। उस पर शक है कि उसने गैंगस्टर्स को सिम उपलब्ध कराए हैं। पुलिस पूछताछ कर रही है कि मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े गैंग के मेंबर्स को भी उसने सिम दिए या नहीं।
बठिंडा के गांव भागीबांदर से पुलिस ने कोरोला गाड़ी के मालिक को उठाया है। यही गाड़ी मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल हुई। पकड़ा गया युवक गैंगस्टर कुलबीर नरूआणा के हत्यारे गैंगस्टर मनप्रीत मन्ना का करीबी है।

AK-47 वाले कमांडो देख एक बार लौट गए थे हत्यारे
दिल्ली पुलिस ने कुछ वक्त पहले 2 लाख रुपए के इनामी गैंगस्टर शाहरुख को पकड़ा था। मूसेवाला की हत्या के बाद शाहरुख से पूछताछ की गई तो पता चला कि इसकी साजिश तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस ने कनाडा बैठे अपने गुर्गे गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर रची। शाहरुख ने ही बताया कि लॉरेंस के शूटर पहले भी मूसेवाला को मारने गए थे मगर उस समय उसके साथ AK-47 वाले कमांडो देखकर लौट गए। इसके बाद उन्होंने गोल्डी बराड़ से मॉडर्न हथियार मांगे। बाद में शाहरुख उनसे अलग हो गया। मूसेवाला हत्याकांड में लॉरेंस और गोल्डी बराड़ के अलावा जग्गू भगवानपुरिया, पंजाबी सिंगर मनप्रीत औलख के मैनेजर सचिन, अजय गिल, सतेंद्र काला, सोनू काजल और अमित काजला का नाम भी आ रहा है।