अभी-अभी: मानसून ने दी जोरदार दस्तक, अगले 24 घंटे इन राज्यों में होगी जबरदस्त बारिश

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाखों लोग मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पिछले दिनों हुई प्री-मानसून की बारिश की वजह से तापमान में कमी दर्ज की गई, जिसके बाद लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। वहीं, ज्यादातर राज्यों में मानसून आ चुका है

Just now: Monsoon gave a strong knock, there will be heavy rain in these states in the next 24 hours
Just now: Monsoon gave a strong knock, there will be heavy rain in these states in the next 24 hours
इस खबर को शेयर करें

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाखों लोग मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पिछले दिनों हुई प्री-मानसून की बारिश की वजह से तापमान में कमी दर्ज की गई, जिसके बाद लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। वहीं, ज्यादातर राज्यों में मानसून आ चुका है और राजधानी में लोग इसका इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो जल्द ही दिल्लीवासियों को मानसून की सौगात मिलने वाली है।

संभावना जताई जा रही है कि 27 जून के आसपास मानसून राजधानी में दस्तक दे सकता है, जिसके बाद कई दिनों तक तेज बारिश होगी। IMD के अनुसार, मानसून आमतौर पर 27-29 जून के आसपास दिल्ली से टकराता है। हाल ही में आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दिल्ली और उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य मानसून के करीब रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी पश्चिमी राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा आदि के लिए राहत यह है कि 27 जून से यहां जोरदार प्री मानसून बारिश शुरू होगी।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 जून को मानसून राजधानी में दस्तक दे देगा। यहां 27 जून से ही बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 5 दिन के भीतर कई राज्यों में बारिश के आसार जताए हैं और गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल व गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. 29 जून तक ओडिशा, बिहार, झारखंड में भी भारी बारिश के आसार हैं। उत्तराखंड में 27-29 जून तक और यूपी में 28-29 जून को भारी बारिश का अनुमान है।

6 जुलाई तक पूरे देश को कवर करेगा मानसून

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के 6 जुलाई तक पूरे देश में पहुंचने की संभावना है, जबकि सामान्य तिथि 8 जुलाई है। एक जल्द शुरूआत के बाद, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और बाद में मध्य भारत में अनुकूल प्रणालियों के अभाव में दक्षिण पश्चिम मानसून देर से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा पोरबंदर, वडोदरा (दोनों गुजरात), शिवपुरी, रीवा और चुर्क से होकर गुजर रही है।

छह मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में हवा के ऊपरी भाग में एक द्रोणिका के रूप में बना है। दक्षिणी गुजरात से केरल तक एक अपतटीय द्रोणिका लाइन है। अरब सागर के महाराष्ट्र तट पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से पश्चिम बंगाल तक एक द्रोणिका लाइन बनी हुई है। ओडिशा में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इन छह मौसम प्रणालियों के असर से कुछ नमी आने के कारण मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वर्षा हो रही है। रविवार से भोपाल, जबलपुर, रीवा शहडोल, इंदौर संभाग के जिलों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।