13 साल बाद जेल से छूटे माफिया बृजेश सिंह, मुख्तार अंसारी के काफिले पर बरसाई गोलियां

उत्तर प्रदेश में कभी दहशत का पर्याय रहे डॉन बृजेश सिंह को 13 साल बाद रिहा कर दिया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उसे बुधवार को ही सशर्त बेल दी है. गुरुवार को वाराणसी की शिवपुर जेल से उसे रिहाई मिल गई. बृजेश सिंह माफिया के रास्ते से राजनीति में गया और विधान परिषद का सदस्य भी रहा.

Mafia Brijesh Singh, released from jail after 13 years, rained bullets on Mukhtar Ansari's convoy
Mafia Brijesh Singh, released from jail after 13 years, rained bullets on Mukhtar Ansari's convoy
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कभी दहशत का पर्याय रहे डॉन बृजेश सिंह को 13 साल बाद रिहा कर दिया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उसे बुधवार को ही सशर्त बेल दी है. गुरुवार को वाराणसी की शिवपुर जेल से उसे रिहाई मिल गई. बृजेश सिंह माफिया के रास्ते से राजनीति में गया और विधान परिषद का सदस्य भी रहा.

वाराणसी की शिवपुर सेंट्रल जेल से गुरुवार शाम को माफिया बृजेश सिंह बाहर आ गया. इलाहाबाद हाई कोर्ट से सशर्त बेल मिलने के बाद बृजेश सिंह ने पूरे 13 साल बाद जेल से बाहर की दुनिया में कदम रखा. उसे गाजीपुर के उसरी चट्टी मामले में बेल दी गई है. बृजेश सिंह पर अपने साथियों के साथ मिलकर मऊ के तात्कालिक विधायक मुख्तार अंसारी के काफिले पर जानलेवा हमला करने का आरोप है. इस मामले में अंसारी के एक गनर सहित तीन लोगों की मौत भी हो गई थी.

जेल से बाहर आया बृजेश सिंह
बृजेश सिंह, शाम सात बजे वाराणसी की शिवपुर जेल से बाहर निकला. उस पर आरोप है कि उसने साल 2001 में गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के उसरी चट्टी में मुख्तार अंसारी के काफिले पर हमला किया था. इस घटना के बाद बृजेश सिंह गायब हो गए थे और ये माना जाने लगा था कि उसकी हत्या हो चुकी है. साल 2009 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भुवनेश्वर से बृजेश सिंह को गिरफ्तार किया था, वह तभी से जेल में है.

बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बृजेश सिंह को इस मामले में सशर्त जमानत दे दी. गुरुवार को जब शिवपुर केंद्रीय कारागार से बृजेश सिंह के बाहर आने का समय हुआ, तो उसके घंटों पहले जेल के आसपास हलचल बढ़ गई. बृजेश सिंह ठीक 7 बजे बाहर आए और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार हो गए. हालांकि इस दौरान बृजेश सिंह से बातचीत करने कोशिश की गई, लेकिन उसके साथ के लोगों ने ऐसा करने से मना कर दिया. इसके बाद बृजेश सिंह शहर के सोनिया इलाके में स्थित अपने घर रघुकुल भवन के लिए निकल गया.

बृजेश सिंह के ऊपर 41 मामले दर्ज थे. इसमें से 15 में वह बरी हो चुका है. अभी सिर्फ 3 मुकदमों का ट्रायल चल रहा है. इसमें भी दो मामलों में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है. बस यही एक मामला था, जिसमें उसे जमानत नहीं मिली थी. अब हाई कोर्ट ने इस मामले में भी जमानत दे दी है, जिसके बाद बृजेश सिंह जेल से बाहर आ गया है.