मुजफ्फरनगरः भाकियू अराजनैतिक ने प्रयागराज में बुलाया किसान चिंतन शिविर

मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के बाद अब भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने भी गंगा किनारे प्रयागराज में किसान चिंतन शिविर के आयोजन को कमर कस ली है।

Muzaffarnagar: Bhakiyu Apolitical called Kisan Chintan Shivir in Prayagraj
Muzaffarnagar: Bhakiyu Apolitical called Kisan Chintan Shivir in Prayagraj
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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के बाद अब भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने भी गंगा किनारे प्रयागराज में किसान चिंतन शिविर के आयोजन को कमर कस ली है। पिछले दिनों नरेश टिकैत के प्रभाव वाली यूनियन से अलग होकर वजूद में आई भाकियू अराजनैतिक ने 27 जनवरी से प्रयागराज में तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित करने का ऐलान किया है।

संगठन के प्रदेशाध्यक्ष ने इस शिविर में सभी पदाधिकारियों को अपनी अपनी टीमों के साथ पहुंचने के निर्देश देते हुए सख्त चेतावनी दी है कि जो पदाधिकारी नहीं पहुंचेंगे, उसको संगठन से ताल्लुक खत्म कर दिया जायेगा। इसके साथ ही चिंतन शिविर में संगठन कार्यकारिणी की सूचियों को भी तलब किया गया है। सूची के आधार पर ही चिंतन शिविर में पदाधिकारियों की हाजिरी होगी।

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम वर्मा ने प्रयागराज में प्रस्तावित किसान चिंतन शिविर के सम्बंध में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पदाधिकारियों को संदेश जारी किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों को दिये गये इस संदेश में कहा है कि 27, 28 और 29 जनवरी को प्रयागराज में किसान हितों को लेकर चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने जिलाध्यक्षों से कहा कि इसमें जिला कार्यकारिणी की सूची के साथ ही ब्लाॅक और तहसील अध्यक्षों की सूची 28 जनवरी को सुबह शिविर की पहली बैठक में उनको उपलब्ध करा दें।

उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं करने वाले जिलाध्यक्ष को शिविर के किसी भी कार्यक्रम में भाग लेने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन में प्रदेश से लेकर जिला, तहसील और ब्लाॅक स्तर पर जिन लोगों की नियुक्ति की गई है, प्रयागराज के चिंतन शिविर में अगर वो पदाधिकारी नहीं आये तो उनका संगठन से कोई भी सम्बंध नहीं रहेगा। भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी धर्मेन्द्र मलिक ने कहा कि वह घटतौली करने वाले मिल मालिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सरकार की सराहना करते हैं।