मुजफ्फरनगर: दुष्कर्म के मामलों में एक को 20, दूसरे को 12 साल की सजा, खौफनाक थीं दोनों वारदात

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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में शहर कोतवाली क्षेत्र में किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी को अदालत ने 20 साल कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष अपर सत्र न्यायालय पॉक्सो एक्ट के पीठासीन अधिकारी बाबूराम ने फैसला सुनाया। वहीं, दूसरे मामले में दुष्कर्म के दोषी को 12 के कारावास की सजा सुनाई है।

विशेष लोक अभियोजक मनमोहन वर्मा और दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि नौ जून 2021 को किशोरी तड़के पांच बजे अपने घर के बाहर झाडू लगा रही थी। इसी दौरान आरोपी बाइक पर सवार होकर पहुंचा और किशोरी को कुछ सुंघाकर अपहरण कर लिया। इसके बाद जंगल में ले जाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित परिवार ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस पीड़िता की तलाश कर रही थी, इसी बीच 14 जून को किशोरी किसी तरह वापस घर लौटी और परिजनों आपबीती सुनाई।

परिजनों ने आरोपी मेहराब उर्फ रोशी के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष अपर सत्र न्यायालय पॉक्सो एक्ट में हुई। आरोपी पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने दोषी को 20 साल कारावास और 34 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड में से 30 हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति देने होंगे।

अनुसूचित जाति की किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 12 साल का कारावास
मुजफ्फरनगर में चरथावल थाना क्षेत्र के गांव में अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने 12 साल कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) के पीठासीन अधिकारी कमला पति प्रथम ने फैसला सुनाया।

सहायक शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र कुमारी शर्मा ने बताया कि 11 अक्तूबर 2020 को पीड़िता गांव के बाग में लकड़ी लेने के लिए गई थी। इस दौरान चौकीदार के पुत्र पप्पू कश्यप ने किशोरी को ईंख के खेत में खींचकर दुष्कर्म किया। पीड़िता ने घर पहुंचकर मामले की जानकारी दी। परिजनों ने 12 अक्तूबर 2020 को परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। जांच के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया। अदालत ने सुनवाई करते हुए दोषी केा 12 साल कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।