मुजफ्फरनगर नगरीय विकास को केन्द्र ने दिये 9 करोड़, नगरीय निकायों को अनटाइड ग्रांट की दूसरी किश्त जारी

जनपद की 2 नगर पालिकाओं और 8 नगर पंचायतों के लिए 9 करोड़ रुपये से ज्यादा का अनुदान जारी किया गया है। इसमें नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर को 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि अवमुक्त की गयी

Center gave 9 crores to Muzaffarnagar urban development, second installment of untied grant released to urban bodies
Center gave 9 crores to Muzaffarnagar urban development, second installment of untied grant released to urban bodies
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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर शहर सहित जनपद के अन्य निकायों में विकास कार्य के लिए 9 करोड़ रुपये अवमुक्त किये गए हैं। केन्द्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत अनटाइड ग्रांट (बुनियादी अनुदान) के रूप में उत्तर प्रदेश के नगरीय निकायों को विकास कार्य और संसाधन विकसित करने के लिए दूसरी किश्त का पैसा जारी कर दिया है। यह धनराशि यूपी में 10 लाख से कम आबादी वाले निकायों के लिए अवमुक्त की गयी है। इसके तहत जनपद की 2 नगर पालिकाओं और 8 नगर पंचायतों के लिए 9 करोड़ रुपये से ज्यादा का अनुदान जारी किया गया है। इसमें नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर को 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि अवमुक्त की गयी। वहीं नगरपालिका खतौली को भी 1करोड़ से ज्यादा का अनुदान विकास कार्यों के लिए मिला है। नगर पंचायतों में बुढ़ाना को सबसे ज्यादा करीब 56 लाख रुपये तो वहीं सिसौली नगर पंचायत को सबसे कम 22 लाख रुपये का अनुदान द्वितीय किश्त के रूप में जारी किया गया है।

प्रदेश भर के निकायों में होगा 494 करोड़ से विकास

शहरी विकास और शहरों में नागरिक सुविधा विकसित करने तथा अपने संसाधन बढ़ाने के लिए नगरीय निकायों को केन्द्र सरकार के द्वारा वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर राज्यों को ग्रांट स्वीकृत की जाती है। इस बार 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर यूपी में केन्द्र सरकार के द्वारा नगरीय निकायों को प्रथम किश्त पूर्व में जारी की जा चुकी है। इसके लिए प्राप्त धनराशि की उपयोग अवधि को हाल ही में 31 जुलाई 2022 तक बढ़ाया गया है। इसके साथ ही अब केन्द्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर अनटाइड ग्रांट की द्वितीय किश्त की धनराशि भी अवमुक्त कर दी है। केन्द्र सरकार की स्वीकृति के बाद नगर विकासा अनुभाग-9 ने अनटाइड ग्रांट की द्वितीय किश्त के रूप में 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त 4 अरब 94 करोड़ रुपये की धनराशि को 10 लाख से कम आबादी वाले नगरीय निकायों और कैण्टोनमेन्ट बेार्ड के लिए अवमुक्त कर दिया है। इसमें 200 नगर पालिकाओं, 517 नगर पंचायतों और 13 कैण्टोनमेन्ट बोर्ड को यह धनराशि अवमुक्त की गयी है। इसके लिए नगर विकास अनुभाग-9 ने शासनादेश जारी कर दिया है।

निदेशालय से धनराशि अवमुक्त करने का पत्र जारी

15वें वित्त आयोग में अनटाइड ग्रांट की द्वितीय किश्त के रूप में जनपद मुजफ्फरनगर में सभी 10 नगरीय निकायों को धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है। दो नगरपालिका और आठ नगर पंचायतों को 9 करोड़ 08 लाख 5 हजार 535 रुपये की धनराशि विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए अवमुक्त की गयी है। स्थानीय निकाय निदेशालय उत्तर प्रदेश की निदेशक डा. शकुन्तला के द्वारा इस सम्बंध में सभी जिलों को पत्र जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग की संस्तुति के अन्तर्गत वर्ष 2021-22 के लिए दस लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए अनटाइड ग्रांट की द्वितीय किश्त की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अनटाइड ग्रांट के रूप में मुजफ्फरनगर जनपद को द्वितीय किश्त में 9.08 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है।