मुजफ्फरनगर की बेटी प्रियंका गोस्वामी ने जीता सिल्वर मेडल, जिलेभर मनाई गई खुशी

मुजफ्फरनगर की बेटी प्रियंका गोस्वामी ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने पर परिवार में जश्न का माहोल है।

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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर की बेटी प्रियंका गोस्वामी ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने पर परिवार में जश्न का माहोल है। परिवार के लोगों को जैसे ही 10 किमी. रेस वाक में प्रियंका के सिल्वर मेडल जीतने की जानकारी मिली सभी खुश हो गए।

जिले गांव गढमलपुर सांगड़ी सहित मेरठ में प्रियंका के आवास पर जश्न मनाया गया। प्रियंका के पिता मदनपाल गिरी ने कहा, “प्रियंका के सिल्वर मेडल जीतने से देश का गौरव बढ़ा। देशवासियों की दुआ के बिना यह उपलब्धि संभव भी नहीं थी।”

प्रियंका के प्रशंसकों की अटकी रहीं सांसें

प्रियंका गोस्वामी के 10 किमी. रेस वाक मे प्रतिभाग करने की खबर पर गांव गढमलपुर सांगड़ी में काफी उत्साह था। जैसे ही बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रियंका रेस वाक के लिए ट्रैक पर उतरी तो सभी की धड़कन बढ़ गईं।

परिवार के लोग भी टीवी पर टकटकी लगाकर प्रियंका को देखते रहे। शुरुआती 8 किमी. तक प्रियंका तीसरे नंबर पर चलती रही। जिससे परिवार वालों तथा प्रशंसकों को कुछ मायूसी होने लगी थी।

लेकिन 8 किमी. के बाद प्रियंका गोस्वामी ने अप्रत्याशित तरीके से अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए दूसरे नंबर पर चल रही एमिली वामिसी को पीछे छोड़ दिया। एमिली अब तीसरे नंबर पर पहुंच गई और प्रियंका ने पहला स्थान पाने के लिए संघर्ष शुरू किया।

प्रियंका उनसे आगे चल रही आस्ट्रेलिया की जेमिमा मोंटेग को पीछे छोड़ने में सफल नहीं हो सकी और उन्हें सिल्वर मेडल पर संतोष करना पड़ा। प्रियंका ने बर्मिंघम में 49 मिनट 38 सेकेंड का समय निकाला। जबकि ऑस्ट्रेलिया की गोल्ड मेडलिस्ट रेस वाकर जेमिमा मोंटेग 42 मिनट 38 सेकेंड का समय निकालकर पहले स्थान पर रहीं।

‘रंग लाई प्रियंका की मेहनत’

प्रियंका के पिता मदनपाल गिरी ने बताया,” देश के लिए मेडल जीतना सपना जैसा है। प्रियंका देश के लिए खेलती है, और हमेशा अपना 100 प्रतिशत देने का प्रयास करती है। प्रियंका की सफलता का श्रेय वह देशवासियों को ही देना चाहेंगे। प्रशंसक ही हैं जो लगातार उत्साह बढ़ाते हैं और प्रियंका की सफलता की दुआ करते हैं।”