छेड़छाड़ के आरोपी को महिलाओं के कपड़े धोने की सजा देने वाले जज से हाईकोर्ट खफा

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पटना. पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने पिछले दिनों अपने अजीबोगरीब आदेशों को लेकर सुर्खियों में रहे मधुबनी (Madhubani) में एक निचली अदालत (Lower Court) के जज के न्यायिक कार्य करने पर रोक लगा दी है. उच्च न्यायालय सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को जारी एक प्रशासनिक आदेश में अदालत ने मधुबनी जिले के झंझारपुर अनुमंडल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में तैनात अविनाश कुमार को अगले आदेश तक कोई न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्देश दिया है.

बता दें कि पिछले हफ्ते मधुबनी जिले की एक अदालत ने महिलाओं से छेड़छाड़ करने वाले को अनोखी सजा सुनाई थी. अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अविनाश कुमार ने महिला के साथ छेड़छाड़ के आरोपी शख्स को अपने गांव की सभी महिलाओं के कपड़े धोने और इस्त्री (प्रेस करने) करने का आदेश दिया था.

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने कहा था कि आरोपी इस साल अप्रैल से जेल में है. वो कपड़े धोने का काम करता है और समाज की सेवा करना चाहता है. याचिकाकर्ता के वकील ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता सुलह के लिए तैयार है, और इसे लेकर एक हलफनामा संलग्न किया गया है.

इसके बाद अदालत ने आरोपी को जमानत देते हुए आदेश दिया कि वो अगले छह महीने तक अपने गांव की सभी महिलाओं के कपड़े धोकर इस्त्री करेगा. छेड़छाड़ मामले में जिला अदालत द्वारा आरोपी को दिया गया यह आदेश काफी चर्चाओं में था.