बिहार में नयी सरकार के नये मंत्रियों को मिलेगा नवनिर्मित बंगला, 61 विधायकों काे मिलेगा नया घर

पटना. नीतीश कुमार की महागठबंधन सरकार के नये मंत्री अब अंग्रेजों के जमाने के सरकारी बंगले में नहीं रहेंगे. पटना के गर्दनीबाग में उनके लिए नये बंगले बनाये गये हैं. अब यही बंगले उनको आवंटित होंगे. कहा जा रहा है कि नयी सरकार के नये मंत्रियों को नये सरकारी बंगले मिलेंगे. उनके लिए 20 बंगलों का निर्माण पटना के गर्दनीबाग में अंतिम चरण में है. वहीं, 61 विधायकों के लिए भी पटना के वीरचंद पटेल मार्ग में नये आवास (डुप्लेक्स) बन कर तैयार हैं.

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पटना. नीतीश कुमार की महागठबंधन सरकार के नये मंत्री अब अंग्रेजों के जमाने के सरकारी बंगले में नहीं रहेंगे. पटना के गर्दनीबाग में उनके लिए नये बंगले बनाये गये हैं. अब यही बंगले उनको आवंटित होंगे. कहा जा रहा है कि नयी सरकार के नये मंत्रियों को नये सरकारी बंगले मिलेंगे. उनके लिए 20 बंगलों का निर्माण पटना के गर्दनीबाग में अंतिम चरण में है. वहीं, 61 विधायकों के लिए भी पटना के वीरचंद पटेल मार्ग में नये आवास (डुप्लेक्स) बन कर तैयार हैं.

20 नये आवासों का आवंटन होगा
नयी सरकार के गठन के बाद नये आवासों का आवंटन शुरू हो जायेगा. विधायकों के आवास निर्माण में करीब दो साल का विलंब हुआ है. इसके पीछे जमीन और कुछ कानूनी समस्याएं थीं, जिनका समाधान कर लिया गया है. यह सभी आवास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं. पटना के गर्दनीबाग इलाके में मंत्रियों के लिए ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर (जी प्लस वन) के प्रत्येक सरकारी बंगले का एरिया करीब 440.8 वर्ग मीटर है.

ये मिलेंगी सुविधाएं
निर्माणाधीन परिसर में जी प्लस वन के 20 सरकारी बंगलों के साथ जी प्लस टू का 20 एनेक्सी ब्लॉक, 20 सिक्यूरिटी पोस्ट, जी प्लस वन का एक बैरेक, जी प्लस वन का एक क्लब हाउस, एक चेंज रूम, एक कन्वेंस ब्लॉक और एक स्विमिंग पुल का निर्माण अंतिम चरण में है. सभी का निर्माण करीब 14.50 एकड़ एरिया में करीब 57 करोड़ 97 लाख 88 हजार 660 रुपये की लागत से किया गया है. सभी बंगलों में अाधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है.

61 विधायकों काे मिलेगा आवास
इसके साथ ही 61 विधायकों का नया सरकारी आवास (डुप्लेक्स) पटना के वीरचंद पटेल मार्ग में बन कर तैयार है. इनका निर्माण करीब तीन कट्ठे में करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. इन आवास का निर्माण 2016 में शुरू कराये जाने का निर्णय हुआ,लेकिन कानूनी अड़चनों से इनका निर्माण विलंब से शुरू हुआ. इसके बाद इन आवास को 2020 में बन कर तैयार होना था, लेकिन काेरोना व तकनीकी वजहों से इसमें विलंब हुआ.