14 स्थानों पर रात का पार 10 डिग्री से नीचे, गलनभरी सर्दी तेवर हुए तीखे

Rajasthan Weather Update: 14 स्थानों पर रात का पार 10 डिग्री से नीचे, गलनभरी सर्दी तेवर हुए तीखे राजस्थान में गलनभरी सर्दी के तेवर तीखे होते जा रहे हैं। पारा में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। प्रदेश में नए पश्चिमी विक्षोभ का असर नजर आने लगा है। हवा की दिशा और रफ्तार बदलने से तापमान बढ़ रहा है।

Night temperature below 10 degrees at 14 places, severe cold
Night temperature below 10 degrees at 14 places, severe cold
इस खबर को शेयर करें

जयपुर। Rajasthan Weather Update: राजस्थान में गलनभरी सर्दी के तेवर तीखे होते जा रहे हैं। पारा में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। प्रदेश में नए पश्चिमी विक्षोभ का असर नजर आने लगा है। हवा की दिशा और रफ्तार बदलने से तापमान बढ़ रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में सर्दी का असर साफ देखा जा सकता है। राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में सबसे कम 3 डिग्री न्यूनतम पारा दर्ज किया गया। फतेहरपुर में 5.5 रहा। 14 स्थानों पर रात का पार 10 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश में सर्दी धीरे-धीरे गलन का रूप लेती जा रही है। इससे लोगों की दिनचर्या में बदलाव आया है। वहीं मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले 4-5 दिन में पारा और गिरेगा। कोटा और उदयपुर संभाग में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के असर से आगामी तीन दिन राजस्थान के कोटा व उदयपुर संभाग में आंशिक बादल छाए रहेंगे। 11 दिसंबर के बाद तापमान में गिरावट शुरू होगी।

उदयपुर में कई स्थानों पर पारा गिरा

राजस्थान के फतेहरपुर, सीकर, माउंट आबू, चूरू, पिलानी और उदयपुर में कई स्थानों पर पारा गिरा है। ये ठंडे स्थानों पर शामिल हो गए है। राजधानी जयपुर में बीते 24 घंटे के दौरान उत्तरी हवाओं के कारण गलन रही। प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि, मौसम विभाग ने 11 से 13 दिसंबर के बीच कोटा और उदयपुर संभाग में आशिंक बादल छाए रहने की बात कही है। सुबह, शाम और रात को सर्दी का असर ज्यादा रह रहा है। जबकि दिन में तेज धूप खिली रहती है।

मौसमी बीमारियों का प्रकोप गहराने लगा

प्रदेश में ठिठुरन बढ़ने के साथ ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप गहराने लगा है। इसी के चलते जिला अस्पतालों मेंआउटडोर में रोगियों की उपचार के लिए लम्बी कतारें सुबह से नजर आने लगी है। यहां रोजाना औसतन दो हजार से अधिक रोगी पहुंच रहे हैं। पर्ची और दवा काउंटरों पर लगी भीड़ के कारण संक्रमण का भी खतरा बढ़ गया है। जुकाम, बुखार और अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।