मोदी सरकार की फ्री बिजली से विपक्ष के होश गुम, जाने कौन-कौन उठा सकते है फायदा

Opposition loses its senses due to free electricity of Modi government, know who can take advantage
Opposition loses its senses due to free electricity of Modi government, know who can take advantage
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नई दिल्ली: पिछले एक दशक में राज्यों के चुनावी वादों को देखा जाए तो इसमें फ्री बिजली ने प्रमुखता के साथ जगह बनाई। देश की राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी की ओर से इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया गया। आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से दिल्ली में इसकी शुरुआत की जाती है। दिल्ली में AAP की सरकार बनती है। पूर्ण बहुमत और रिकॉर्ड सीटों के साथ जीत के पीछे इस वादे का भी एक अहम रोल रहा। AAP ने यह फॉर्मूला दूसरे राज्यों में भी अपनाया और पंजाब में उसे सफलता भी मिली। हालांकि बीते कुछ वर्षों में सिर्फ AAP ही नहीं बल्कि दूसरी पार्टियों ने भी चुनाव के दौरान इस वादे को अपने मेनिफेस्टो में शामिल किया। जिस दिल्ली में कांग्रेस की सरकार गई उसकी ओर से भी इस वादे को तमाम राज्यों में लागू करने की बात कही गई। कांग्रेस को कुछ राज्यों में जहां सफलता मिली उसमें इस वादे का भी योगदान रहा।

कहीं 200 तो कहीं 300 यूनिट फ्री बिजली के वादे को लेकर सवाल भी उठे। सवाल बीजेपी की ओर से उठाए गए लेकिन उसकी ओर से भी सस्ती बिजली देने की कोशिश हुई। हालांकि पूरी तरह से फ्री बिजली के वादे के साथ पार्टी आगे नहीं बढ़ सकी। दिल्ली में बीजेपी के कुछ नेता यह कहते थे कि वह इसका काट नहीं खोज पा रहे हैं। इस पूरे चुनावी वादे के बीच आज मोदी सरकार की ओर से बड़ी घोषणा की गई है। इस घोषणा का असर कहीं न कहीं बिजली वाले वादे को झटका जरूर देगा।

पीएम मोदी की ओर से इस योजना का ऐलान राममंदिर के उद्घाटन वाले दिन ही किया गया था। गुरुवार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को मंजूरी दे दी। केंद्र सरकार की फ्री बिजली योजना की मदद से पूरे देश में करीब एक करोड़ घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे लोगों को हर महीने 300 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी। माना जा रहा है कि इससे लोगों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। 300 यूनिट फ्री बिजली तो मिलेगी ही साथ ही इसके बाद अतिरिक्त बिजली को बिजली वितरण कंपनियों को बेच भी सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सूर्यघर योजना के बारे में बताते हुए कहा कि रूफटॉप सोलर पैनल लगाने वाले एक करोड़ परिवारों को 300 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी साथ ही 15 हजार रुपये की सालाना आमदनी भी होगी। योजना के तहत दो किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल के लिए लागत का 60 प्रतिशत और दो किलोवाट से तीन किलोवाट क्षमता के बीच के लिए अतिरिक्त लागत के 40 प्रतिशत की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलेगी। यह सहायता तीन किलोवाट तक के लिए है। मौजूदा मानक कीमतों पर देखा जाए तो एक किलोवाट क्षमता की सौर प्रणाली के लिए 30,000 रुपये, दो किलोवाट क्षमता की सौर प्रणाली के लिए 60,000 रुपये और तीन किलोवाट क्षमता या उससे अधिक के लिए सब्सिडी 78,000 रुपये होगी। 3 KW का प्लांट लगाने के लिए 1.45 लाख रुपये की लागत आएगी इसमें 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी। बचे हुए 67 हजार के लिए सस्ते लोन की व्यवस्था सरकार ने की है।

उज्ज्वला योजना, पीएम किसान योजना की तरह बीजेपी इसे भी मोदी की गारंटी के तौर पर पेश करने वाली है। इस योजना का मकसद है कि गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों को महंगी बिजली बिल से राहत दिलाई जाए। बिजली बिल पर अपनी इनकम का बड़ा हिस्सा खर्च करने वाले गरीब और मध्यम वर्ग को इससे बड़ी राहत मिलेगी। यह योजना किसी एक राज्य के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए है। इस योजना के जरिए बिजली पर होने वाली राजनीति को भी सरकार ने कुंद करने की कोशिश की है। जिस तरीके इस योजना के लिए रोडमैप पेश किया गया है उसे मोदी का लोकसभा चुनाव से पहले मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।