अभी अभी: हरियाणा में किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार ने की बड़ी घोषणा

Haryana News: जुर्माना ब्याज और अन्य खर्चों को भी माफ किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘बैंक के मृत कर्जदारों की कुल संख्या 17,863 है, जिनकी कुल बकाया राशि 445.29 करोड़ रुपये है. इसमें 174.38 करोड़ रुपये की मूल राशि और 241.45 करोड़ रुपये का ब्याज और 29.46 करोड़ रुपये का दंडात्मक ब्याज शामिल है.’’

इस खबर को शेयर करें

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने कर्जदार किसानों या जिला कृषि और भूमि विकास बैंक के सदस्यों के लिए एकमुश्त निपटान योजना की घोषणा की है. राज्य के सहकारिता मंत्री बनवारी लाल ने शुक्रवार को यहां कहा कि ऋण लेने वाले सदस्यों के लिए घोषित योजना के तहत बकाया ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि कर्ज लेने वाले किसान की मृत्यु हो गई है, तो उनके वारिसों को 31 मार्च 2022 तक मूलधन जमा करने पर यह छूट दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि इसके लिए मृतक कर्जदारों के वारिसों को पूरी मूलधन राशि ऋण खाते में जमा करने पर अतिदेय ब्याज में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी. जुर्माना ब्याज और अन्य खर्चों को भी माफ किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘बैंक के मृत कर्जदारों की कुल संख्या 17,863 है, जिनकी कुल बकाया राशि 445.29 करोड़ रुपये है. इसमें 174.38 करोड़ रुपये की मूल राशि और 241.45 करोड़ रुपये का ब्याज और 29.46 करोड़ रुपये का दंडात्मक ब्याज शामिल है.’’

इस कमेटी में शामिल कर किसानों के साथ धोखा किया है
बता दें कि पिछले हफ्ते ही खबर सामने आई थी कि भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप की एक मासिक बैठक टटियाना टोल पर संपन्न हुई. अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के नेता जरनैल सिंह जैली थेह बनेड़ा ने की. जैली ने कहा कि दिल्ली आंदोलन के दौरान सरकार ने किसानों के साथ वादे किए थे, सरकार उन वादों पर खरा नहीं उतरी है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों की बाकी मांगें, जिनमें आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को मुआवजा न देना लखीमपुर खीरी में किसानों पर गाड़ी चढ़ाने वाले के मंत्री पिता को कैबिनेट से ना हटाना व न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए बनाई गई सरकारी एमएसपी कमेटी में किसानों का कोई भी प्रतिनिधि शामिल न करना, बल्कि जिन लोगों ने कृषि कानून किसानों पर थोपे थे. उन्हीं को इस कमेटी में शामिल कर किसानों के साथ धोखा किया है.