रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ के ‘प्रयोग’ नहीं हो पा रहे सफल, ये ‘इन-आउट’ का खेल पड़ रहा भारी!

Rohit Sharma-Rahul Dravid Experiments: भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ की जोड़ी यूं तो काफी जमती है और अकसर दोनों के चर्चा करते तस्वीर-वीडियो नजर आते हैं लेकिन लगातार प्रयोग कारगर साबित नहीं हो रहे हैं.

Rohit Sharma and Rahul Dravid's 'experiments' are not being successful, this 'in-out' game is getting heavy!
Rohit Sharma and Rahul Dravid's 'experiments' are not being successful, this 'in-out' game is getting heavy!
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Rohit Sharma-Rahul Dravid Experiments: भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ की जोड़ी यूं तो काफी जमती है और अकसर दोनों के चर्चा करते तस्वीर-वीडियो नजर आते हैं लेकिन लगातार प्रयोग कारगर साबित नहीं हो रहे हैं. किसी खिलाड़ी को अच्छे प्रदर्शन का इनाम नहीं मिल पाता तो कोई अचानक टीम से बाहर हो जाता है. किसी खिलाड़ी को अचानक टीम में एंट्री भी मिल जाती है.

पिछले 4 में से 3 मैच हारा भारत
भारतीय टीम लगातार प्रयोग कर रही है, कभी बल्लेबाजी क्रम तो कभी खिलाड़ियों को ‘इन-आउट’ करके. हालांकि कभी सफलता मिलती है तो कभी हार. इसके बाद आलोचना का सिलसिला भी शुरू हो जाता है. सोशल मीडिया से लेकर कमेंट्री बॉक्स तक कई बार ऐसे ही फैसलों की आलोचना होती है. भारत एशिया कप के फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया. उसे श्रीलंका और पाकिस्तान ने हराया. भले ही टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में शुरुआत अच्छी की लेकिन अंजाम अच्छा नहीं रहा. उसे सुपर-4 राउंड में ही बाहर होना पड़ा. दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम अपने पिछले चार में से तीन मुकाबले हार चुकी है. ऐसे में सवाल उठना तो तय है.

एक ही गलती फिर भुवनेश्वर पर इतना भरोसा क्यों?
एशिया कप-2022 का सुपर-4 मैच, पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय पेसर भुवनेश्वर 19वां ओवर करने आए और 19 रन लुटा दिए. अगले मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ भी उन्हें डेथ ओवर में बुलाया गया. तब उन्होंने 14 रन खर्च कर डाले. पिछले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित ने फिर भुवनेश्वर पर भरोसा जताया. भुवी ने पारी के 17वें ओवर में 14 रन और फिर 19वें ओवर में 16 रन खर्च कर दिए. ऐसे में सवाल उठता है कि भुवी जब एक ही गलती बार-बार कर रहे हैं तो उन पर इतना भरोसा क्यों किया जा रहा है.

कभी पंत तो कभी कार्तिक
टीम इंडिया में बतौर विकेटकीपर कभी ऋषभ पंत तो कभी दिनेश कार्तिक पर भरोसा जताया जा रहा है. दिनेश कार्तिक को पाकिस्तान के खिलाफ लीग मैच में मौका मिला लेकिन गेंद खेलने को केवल एक मिली. हॉन्ग कॉन्ग और अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी नहीं आई. फिर सुपर-4 राउंड में ना तो पाकिस्तान और ना ही श्रीलंका के खिलाफ उन्हें मौका दिया गया. अब टी20 वर्ल्ड कप के लिए दोनों को ही टीम में शामिल किया गया है.

रवि बिश्नोई को नहीं मिला इनाम
युवा स्पिनर रवि बिश्नोई को एशिया कप के लिए टीम इंडिया में जगह मिली. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सुपर-4 राउंड के मैच में कप्तान बाबर आजम को ही शिकार बनाया. बिश्नोई ने जैसे अपनी गुगली में मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार बाबर को फंसाया, जाहिर है कि उन्हें इनाम मिलना चाहिए था. पाकिस्तान के खिलाफ सुपर-4 राउंड मैच के बाद अगले ही मैच की प्लेइंग-XI से उन्हें बाहर कर दिया गया. इतना ही नहीं, वह ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में भी हिस्सा नहीं हैं.

उमेश यादव को अचानक बुलावा
टीम इंडिया का एक और प्रयोग तेज गेंदबाज उमेश यादव के तौर पर दिखा. पेसर मोहम्मद शमी कोविड-19 पॉजिटिव होने के कारण टीम से बाहर हुए तो 34 साल के उमेश यादव को बुलाया गया. उमेश ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच करीब तीन साल पहले खेला था. इस पर दिलचस्प बात यह है कि उमेश यादव ना तो आगामी टी20 वर्ल्ड कप की मेन टीम का हिस्सा हैं और ना ही रिजर्व के तौर पर उन्हें शामिल किया गया है. फिर भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह प्लेइंग-XI का हिस्सा थे.

अश्विन को 8 महीने बाद दिया मौका
ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप खेले थे. हालांकि वह करीब आठ महीने तक टीम से बाहर रहे. उन्होंने 19 नवंबर 2021 को आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच खेला. फिर उन्हें 29 जुलाई 2022 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 मैच के लिए टीम में शामिल किया गया. उन्हें एशिया कप में भी मौका दिया और अब वह आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए भी टीम का हिस्सा हैं. इसमें अश्विन की काबिलियत पर सवाल नहीं है लेकिन उन्हें लगातार आठ महीने तक बाहर रखना और फिर सभी युवाओं पर तरजीह देना कितना सही प्रयोग है.