यूक्रेन में रुस ने मचाई तबाही, एयर डिफेंस तबाह, 74 सैन्य ठिकानें तबाह, पुतिन की चाल तो जानें

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मॉस्को: रूस के हवाई हमले में यूक्रेन को भारी नुकसान (Russian Airstrikes in Ukraine) पहुंचा है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमला शुरू होने के 12 घंटे बाद बयान जारी कर दिनभर की अपडेट दी है। इसमें बताया गया है कि रूसी सेना के हवाई हमलों (Russian Airstrike in Ukraine) में यूक्रेनी सशस्त्र बलों के 74 सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है। यूक्रेनी सेना (Russia Ukraine War) के बर्बाद हुए ठिकानों में 11 एयरफील्ड, तीन कमांड सेंटर, एक यूक्रेनी नौसेनिक पोस्ट, 18 एस-300 रडार और बुक एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा रूसी सेना ने डोनबास में एक यूक्रेनी अटैक हेलीकॉप्टर और चार तुर्की निर्मित बायरकटार स्ट्राइक ड्रोन को मार गिराया गया है। रूस ने यह भी दावा किया है कि उनकी सेना ने यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम को एंटी रेडिएशन मिसाइलों से निशाना बनाया है। कई ऐसी तस्वीरें भी आईं हैं, जिसमें रूसी हमले का असर साफ दिखाई दे रहा है।

रूस का दावा- समर्पण करने वाले सैनिकों को पूरा सम्मान
रूस ने दावा किया है कि रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने युद्ध क्षेत्रों से आत्मसमर्पण करने वाले यूक्रेनी सैनिकों के सुरक्षित निकास के लिए गलियारे बनाने का आदेश दिया है। इसके अलावा रूसी सेना को उनके साथ सम्मान के साथ व्यवहार करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा है कि रूसी सैनिक यूक्रेनी शहरों पर हमला न करें। हालांकि, रूस के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस के हमले में 70 से ज्यादा आम लोगों की मौत हुई है। अमेरिका ने भी आम लोगों की मौत के लिए रूस को ही जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, रूस का दावा है कि उसके सैनिक सिर्फ सैन्य ठिकानों को ही निशाना बना रहे हैं।

यूक्रेनी शहरों पर आक्रमण न करने का किया दावा
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, डीपीआर और एलपीआर से रूसी सेना और विद्रोही बलों के ऑपरेशन शुरू करने के बाद से कम से कम 14 यूक्रेनी सैनिकों ने पहले ही आत्मसमर्पण कर दिया है। बयान में बताया गया है कि यूक्रेन के सशस्त्र बलों के सैन्य कर्मियों ने राष्ट्रवादियों के विपरीत यूक्रेनी लोगों को शपथ ली और आदेशों का पालन किया। उनको पूरा सम्मान देते हुए व्यवहार किया गया है। हालांकि, युद्धक्षेत्र की अपनी मजबूरियों के कारण अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टिंग भी काफी सीमित हुई है।

पुतिन का अगला कदम क्या होगा?
व्लादिमीर पुतिन ने आज सुबह ऐलान किया था कि रूसी सेना विशेष ऑपरेशन के जरिए डोनेट्स्क और लुगांस्क पीपुल्स रिपब्लिक की सहायता कर रही है। इसके पीछे की मंशा यूक्रेन के कब्जे से डोनेट्स्क और लुगांस्क को पूरी तरह से आजाद करवाने का है। आज से पहले इन दोनों क्षेत्रों के 70 फीसदी हिस्से पर यूक्रेनी सेना का कब्जा था। इसके अलावा पुतिन का दूसरा मकसद यूक्रेन में सत्ता परिवर्तन करने का भी है। खुद पुतिन ने कहा है कि वह अब रुकने वाले नहीं हैं। यूक्रेन में पश्चिम समर्थित सरकार नाटो और यूरोपीय यूनियन का हिस्सा बनने की पूरी कोशिश कर रही है। रूस चाहता है कि मॉस्को समर्थित सरकार बनने से उसके हितों की रक्षा हो सकेगी।