सुहागरात से पहले कपड़े उतारकर लेते दुल्हन की तलाशी, ससुर के सामने ही…

अंग्रेज चले गए, लेकिन आज भी उनके जमाने का 100 साल पुराना ‘V’ टेस्ट राजस्थान की कई दुल्हनों के लिए खौफ का दूसरा नाम बना हुआ है। डर ऐसा कि शादी का नाम सुनते ही लड़कियां कांपने लगती हैं।

Searching the bride taking off her clothes before the honeymoon, in front of her father-in-law...
Searching the bride taking off her clothes before the honeymoon, in front of her father-in-law...
इस खबर को शेयर करें

अंग्रेज चले गए, लेकिन आज भी उनके जमाने का 100 साल पुराना ‘V’ टेस्ट राजस्थान की कई दुल्हनों के लिए खौफ का दूसरा नाम बना हुआ है। डर ऐसा कि शादी का नाम सुनते ही लड़कियां कांपने लगती हैं।

डर…शादी के दिन तलाशी के नाम पर सबके सामने कपड़े उतारे जाने की शर्मिंदगी का। डर ‘V’ टेस्ट में फेल होने पर हाथ जलने का, पानी में डूबने का। इतना जलील किया जाता है कि कई दुल्हनें सुसाइड कर लेती हैं।

कोई इस तथ्य को माने या न माने, लेकिन सच यही है कि आज भी भारतीय समाज में शादी से पहले लड़की का वर्जिन होना एक अनिवार्य शर्त होती है, लड़का वर्जिन है या नहीं, इससे किसी को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, लेकिन लड़की पर सबकी नज़र रहती है, दरअसल, वर्जिनिटी को घर की व लड़की की इज़्ज़त से जोड़कर देखा जाता है. आज भी यह सोच कायम है.

वर्जिनिटी का क्या अर्थ है?

लड़की के कुंआरेपन को वर्जिनिटी कहा जाता है यानी जिस लड़की ने पहले कभी सेक्स न किया हो, वो वर्जिन है. इसे जांचने-परखने के कई तरी़के भी हमारे समाज में इजाद किए गए हैं, जिनमें सबसे हास्यास्पद है- शादी की पहली रात को स़फेद चादर बिछाकर यह देखना कि सेक्स के बाद चादर पर ख़ून के धब्बे हैं या नहीं. दरअसल, वर्जिनिटी को लेकर इतनी ग़लतफ़हमियां हैं कि पढ़े-लिखे लोग भी इसे समझना नहीं चाहते।

मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना Unreliable मेथड

मेडिकल एक्सपर्ट्स की मानें तो यह Unreliable है, इस पर पूरी तरीके से भरोसा नहीं किया जा सकता। यह प्रोसेस लड़कियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अधिकतर वर्जिनिटी टेस्ट 2 फिंगर मेथड द्वारा किया जाता है। इसमें डॉक्टर या कोई अन्य व्यक्ति लड़की के वजाइना में 2 उंगलियां डाल कर देखते हैं कि हाइमन (वेजाइनल ओपनिंग का एक टिश्यू) इनटैक्ट या बरकरार है या नहीं या फिर वेजाइनल लैक्सिटी (अगर लूजनेस है तो मतलब सेक्सुअल एक्टिविटी हुई है)।

हाइमन इस टेस्ट को सही नहीं ठहरता

कुछ लोगों का मानना है की हाइमन ऐसी कवरिंग है, जो पहले इंटरकोर्स के दौरान ही टूटती है। अगर आपका हाइमन ब्रेक है, इसका मतलब है कि आप वर्जिन नहीं है। लेकिन यह सच नहीं है। कई लड़कियां बिना हाइमन के ही पैदा होती है और कुछ लड़कियों में हाइमन बहुत छोटा होता है। हाइमन कई दूसरे तरीकों से भी टूट सकता है जैसे बाइक या घोड़े की सवारी करते वक्त या फिर कोई स्पोर्ट्स के दौरान या फिर जब tampon इंसर्ट करते वक्त। टूटे हुए हाइमन का यह मतलब नहीं कि लड़की किसी सेक्सुअल इंटरकोर्स में इंवॉल्व है।

हर एक वजाइना अलग होता है

यह भी एक कॉमन मिथ है कि अगर वजाइना लूज है तो लड़की वर्जिन नहीं है। यह सच नहीं। हर एक वजाइना अलग होता है। वजाइना इस तरीके से बने होते हैं कि वे इलास्टिक होते हैं। वह सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान पेनिस को अकोमोडेट करने के लिए लूज हो जाते हैं और सेक्स के बाद फिर से वे टाइट हो जाते हैं। लेकिन कुछ वजाइना दूसरे वजाइना से ज्यादा लूज होते हैं।

वर्जिनिटी टेस्ट है खतरनाक

वर्जिनिटी टेस्ट शारीरिक, मानसिक और सामाजिक तीनों ही रूप से एक लड़की को हार्म करता है। यह टेस्ट बहुत पेनफुल होता है और कई लड़कियां को डर, पीड़ा और अनादर का सामना करना पड़ता है। इससे लाइफ में आगे चलकर सेक्सुअल प्रॉब्लम्स भी आ सकती है। कई लड़कियों को इसके कारण उनकी फैमिली, कम्युनिटी से अलग कर दिया जाता है। उन्हें किसी सोशल इवेंट में नहीं बुलाया जाता। उनसे कोई शादी नहीं करना चाहता। उन्हें कोई काम नहीं दिया जाता। उनकी जिंदगी पूरी तरीके से बर्बाद हो जाती है।