भारी बारिश के साथ मध्‍य प्रदेश के 80 प्रतिशत भाग में पहुंचा मानसून

मानसून ने सोमवार को भारी बारिश के साथ राजधानी समेत मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों (80 फीसदी क्षेत्र) में प्रवेश किया। अब सिर्फ चंबल संभाग और ग्वालियर, उज्जैन संभाग के कुछ जिले मानसून का इंतजार कर रहे हैं।

Should Kashmir be given to Pakistan? Controversy arose over the question asked in Madhya Pradesh
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भोपाल

भोपाल: मानसून ने सोमवार को भारी बारिश के साथ राजधानी समेत मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों (80 फीसदी क्षेत्र) में प्रवेश किया। अब सिर्फ चंबल संभाग और ग्वालियर, उज्जैन संभाग के कुछ जिले मानसून का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस समय अलग-अलग जगहों पर चल रही पांच मौसम प्रणालियों के प्रभाव से नमी आ रही है। इसके चलते पूरे राज्य में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। वहीं सोमवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक रायसेन में 49, गुना में 32, भापल में 30.2, छिंदवाड़ा में 24, नौगांव, नर्मदापुरम में 23, खंडवा में 10, दमेह, रतलाम में सात, सिवनी में छह, खजुराहा 4.4 में, मलजखंड में 2 मिमी बारिश हुई।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ममता यादव के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा परबंदर, बड़ौदा, शिवपुरी, रीवा, चुर्क से होकर गुजर रही है। मप्र के चंबल संभाग और ग्वालियर, दतिया, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, उज्जैन, आगर जिलों को छोड़कर पूरे राज्य में मानसून ने दस्तक दे दी है। वातावरण में नमी की मात्रा बहुत अधिक होती है। इससे पूरे राज्य में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि 27 जून से राज्य के कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर भी शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि मंगलवार-बुधवार को डिंडरी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, छतरपुर, विदिशा, रायसेन, सिहार, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, नीमच, आगर, शाजापुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुरकला जिलों में मध्यम से कहीं भी गिरावट दर्ज की गई है, भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने कहा कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवात के रूप में है। उत्तर प्रदेश के ऊपर हवा के ऊपरी हिस्से में एक चक्रवात बन रहा है। इस चक्रवात से बांग्लादेश तक एक ट्रफ रेखा है। छत्तीसगढ़ से आंध्र प्रदेश तक एक ट्रफ रेखा मौजूद है। महाराष्ट्र से केरल तक एक अपतटीय ट्रफ रेखा है। इन

भोपाल- 34.7 23.5

इंदौर – 35.4 24.6

जबलपुर- 33.2 20.8

ग्वालियर- 34.4 24.7

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस समय अलग-अलग जगहों पर चल रही पांच मौसम प्रणालियों के प्रभाव से नमी आ रही है। इसके चलते पूरे राज्य में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। वहीं सोमवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक रायसेन में 49, गुना में 32, भापल में 30.2, छिंदवाड़ा में 24, नौगांव, नर्मदापुरम में 23, खंडवा में 10, दमेह, रतलाम में सात, सिवनी में छह, खजुराहा 4.4 में, मलजखंड में 2 मिमी बारिश हुई।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ममता यादव के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा परबंदर, बड़ौदा, शिवपुरी, रीवा, चुर्क से होकर गुजर रही है। मप्र के चंबल संभाग और ग्वालियर, दतिया, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, उज्जैन, आगर जिलों को छोड़कर पूरे राज्य में मानसून ने दस्तक दे दी है। वातावरण में नमी की मात्रा बहुत अधिक होती है। इससे पूरे राज्य में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि 27 जून से राज्य के कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर भी शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि मंगलवार-बुधवार को डिंडरी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, छतरपुर, विदिशा, रायसेन, सिहार, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, नीमच, आगर, शाजापुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुरकला जिलों में मध्यम से कहीं भी गिरावट दर्ज की गई है, भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने कहा कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवात के रूप में है। उत्तर प्रदेश के ऊपर हवा के ऊपरी हिस्से में एक चक्रवात बन रहा है। इस चक्रवात से बांग्लादेश तक एक ट्रफ रेखा है। छत्तीसगढ़ से आंध्र प्रदेश तक एक ट्रफ रेखा मौजूद है। महाराष्ट्र से केरल तक एक अपतटीय ट्रफ रेखा है। इन

भोपाल- 34.7 23.5

इंदौर – 35.4 24.6

जबलपुर- 33.2 20.8

ग्वालियर- 34.4 24.7