अंधविश्वास में बहन की चढ़ाई बली… जीभ काटा, यूटेरस व आंत निकाली… झारखंड की इस घटना से दहल उठेगा कलेजा

झारखंड के गढ़वा जिला अंतर्गत श्रीबंशीधर नगर थाना क्षेत्र के जंगीपुर उरांव टोला में मानवता को शर्मसार कर दिल दहलाने वाली एक घटना प्रकाश में आई है।

Sister's climb in superstition sacrificed... Tongue cut, Uterus and intestine removed... This incident of Jharkhand will shake the heart
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गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिला अंतर्गत श्रीबंशीधर नगर थाना क्षेत्र के जंगीपुर उरांव टोला में मानवता को शर्मसार कर दिल दहलाने वाली एक घटना प्रकाश में आई है। जंगीपुर उरांव टोला निवासी मुन्ना उरांव की 26 वर्षीय पत्नी गुड़िया देवी को भूत-प्रेत के चक्कर में उसकी सगी बहन ललिता देवी और बहनोई दिनेश उरांव ने पति, सास, देवर और देवरानी के सामने बलि चढ़ा दिया। तंत्र-मंत्र के दौरान गुड़िया देवी का सबसे पहले जीभ काटा गया। इसके बाद प्राइवेट पार्ट के जरिए उसके यूटेरस और अतड़ी को भी बाहर निकाल लिया गया। तड़प-तड़पकर गुड़िया ने दम तोड़ दिया। घटना पिछले मंगलवार की है। मृतिका गुड़िया की बहन ललिता देवी व बहनोई दिनेश उरांव मेराल थाना क्षेत्र के दलेली गांव के रहने वाले हैं। घटना के बाद से सभी आरोपित फरार हैं।

इस संबंध में पुलिस के समक्ष मुन्ना उरांव ने बताया कि पड़ोसी रामशरण उरांव उर्फ गोटा के घर सप्ताह भर पहले ललिता व दिनेश आए थे। ललिता ने अपनी सगी बहन गुड़िया व बहनोई मुन्ना उरांव को पूरे परिवार के साथ रामशरण उर्फ गोटा के घर बुलाया। तीन-चार दिन तक लगातार भूत भगाने के निमित्त ओझाई-मताई करने के बाद गत मंगलवार की सुबह पति मुन्ना उरांव, सास, देवर व देवरानी के नजर के सामने सगी बहन ललिता व बहनोई दिनेश आदि ने मिलकर सबसे पहले गुड़िया का जीभ काटा। इसके बाद उसके प्राइवेट पार्ट के जरिए यूटेरस और अतड़ी को भी बाहर निकाल दिया। जिससे गुड़िया की दर्दनाक मौत तत्काल घटनास्थल पर ही तड़प-तड़पकर कर हो गई। मौत के बाद आनन-फानन में हत्यारों के द्वारा उसके शव को लेकर मायके रंका थाने के खूरा गांव चले गए और वहीं शव को जला दिया।

भूत प्रेत के चक्कर में अपनी सगी बहन की बलि चढ़ाने वाली ललिता ने हत्या का विरोध करने पर मृतिका गुड़िया की देवरानी उषा देवी पर भी जानलेवा हमला किया था। उषा देवी के नजरों के सामने घटित हत्या की घटना से वह काफी डरी सहमी हुई है। उषा ने बताया कि सब कुछ मेरे आंखों के सामने घटित हुआ है। बकौल उषा मैं रामशरण उरांव के घर नहीं जा रही थी। पर जेठानी गुड़िया उसे व उसके पति शंभू उरांव और सांस को भी ले गई। वहां जाने पर उसकी जेठानी गुड़िया खेलने-दरशने लगी और उस पर भी खेलने का दबाव बनाया गया। जब उसने कहा कि उसे कोई भूत-प्रेत नहीं लगा है, तो उसे उसकी जेठानी ने बांस के डंडे से मारा। जिससे वह बेहोश हो गई। थोड़ी देर बाद जब होश में आई तो देखा कि उसकी जेठानी के मुंह में हाथ डालकर उसकी बहन ने जीव को खींचकर बाहर निकाला और काट दिया। अतड़ी और यूटेरस भी बाहर निकाल लिया। मृतिका के बहन, बहनोई व अन्य लोग उसे इलाज के बहाने रंका ले गए और वहीं शव को जला दिया। उषा ने बताया कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे भी बुरी तरह मारा-पीटा गया। भक्तिन ललिता देवी पटक कर उसके सीने पर चढ़ गई और गला दबाने लगी। उसने किसी तरह अपनी जान बचाकर भागी।

सगी बहन द्वारा अपनी बहन को बलि चढ़ाने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार रविवार को दल बल के साथ उरांव टोला पहुंच मामले की छानबीन प्रारंभ कर दी है। पुलिस मृतिका के पति मुन्ना उरांव, रामशरण उरांव उर्फ गोटा के दो पुत्र व दो पुत्र वधू, रंका थाने के खूरा गांव निवासी मृतिका के पिता त्रिवेणी उरांव व भाई धनंजय उरांव को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस मामले में अवैध महुआ शराब कारोबारी रामशरण उरांव की भूमिका संदिग्ध बताया जाता है। हत्या के बाद रामशरण भी अपने घर से फरार है।

गुड़िया देवी की हत्या के बाद टोले पर बैठक हुई। इसमें मामले को दबाने का दबाव मुन्ना को दिया गया। बताया जाता है कि मौके पर उपस्थित वार्ड संख्या 6 के पार्षद पति योगेश उरांव ने मामले को दबाने की हिदायत दिया था। मामला प्रकाश में आने के बाद योगेश ने कहा कि हत्या के बाद परिवार में झगड़ा होने लगा तो पंचायती के लिए बैठक हुई थी। इसमें मृतिका के पति मुन्ना ने श्राद्ध कर्म के बाद सब कुछ बताने और मामले को आगे बढ़ाने को कहा था। इसलिए इसकी सूचना हमने पुलिस को नहीं दिया।