स्मृति ईरानी की बेटी सगाई कर के बुरी फंसी, स्मृति ने होने वाले दामाद को दें दी खुलेआम चेतावनी…

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एकता कपूर (Ekta Kapoor) के शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी (Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi) में तुलसी का किरदार स्मृति ईरानी(Smriti Irani) ने निभाया था. उनकी अदाकारी ने इस शो को काफी लोकप्रियता दिलवाई थी. आज स्मृति ईरानी खुद रियल लाइफ में सास बनने जा रही है.

दरअसल मसला यह है कि, स्मृति की सौतेली बेटी शैनेल ईरानी (Shanelle Irani) ने अपने ब्वॉयफ्रेंड अर्जुन भल्ला के साथ सगाई कर ली है. केंद्रीय मंत्री और अमेठी सांसद स्मृति ईरानी ने खुद 25 दिसंबर को इंस्टाग्राम पोस्ट में अपनी बटी शैनेल की सगाई का ऐलान किया है. स्मृति ईरानी ने बेटी और अपने होने वाले दामाद की तस्वीरें भी शेयर की है.

स्मृति ईरानी के होने वाले दामाद का नाम अर्जुन भल्ला है. इस पोस्ट पर अब बधाइयों देने वालों का तांता लग चुका है. स्मृति ने सिर्फ बेटी की सगाई की फोटोज ही शेयर नहीं की बल्कि अपने दामाद अर्जुन को सरेआम कुछ चेतावनी भी दे डाली है. उन्होंने तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, उस शख्स के लिए जिसके पास अब हमारा दिल है, अर्जुन भल्ला का स्वागत है इस पागल परिवार में.

मैं तुम्हे आशीर्वाद देती हूँ ताकि ससुर के तौर पर एक क्रेजी आदमी का सामना करने के लिए और उससे भी बुरी सास यानी मेरा सामना करने के लिए तुम तैयार रहों. खुश रहो शैनेल ईरानी. उनकी इस पोस्ट पर फैन्स के साथ ही सेलेब्स भी उन्हें खूब बधाई दें रहे है.

केंद्रीय मंत्री तीन बच्चों की मां हैं

गौरतलब है कि, स्मृति ईरानी ने 1999 में टीवी सीरियल आतिश से एक्टिंग में अपना डेब्यू किया था. मगर उन्हें असली पहचान क्योंकि सास भी कभी बहू थी के तुलसी के किरदार से मिली थी. स्मृति और पति जुबिन ईरानी के बच्चे जोहर और जोइश है. जबकि शैनेल, जुबिन ईरानी की पहली पत्नी मोना ईरानी की बेटी है.

आपको बता दें कि, स्मृति ईरानी बचपन से ही आरएसएस का हिस्सा रही हैं. उनके दादाजी RSS स्वयंसेवक रहे थे और मां जनसंघी है. आपको बता दें कि, 2003 में बीजेपी ज्वाइन करने के बाद स्मृति 2004 में महाराष्ट्र यूथ विंग की वाइस-प्रेसिडेंट बनीं थी.

अमेठी से सांसद हैं स्मृति ईरानी

गौरतलब है कि, 2003 में बीजेपी ज्वाइन करने के बाद स्मृति 2004 में महाराष्ट्र यूथ विंग की वाइस-प्रेसिडेंट बनी थी. इसके बाद उन्होंने पहली बार 2004 में स्मृति ईरानी दिल्ली की चांदनी चौक सीट से कांग्रेस के कपिल सिब्बल के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा, मगर वह हार गई. इसके बाद 2010 में स्मृति बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव और महिला विंग की अध्यक्ष बनाई गई. इसके बाद 2014 में बीजेपी ने उन्हें राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से आम चुनाव का टिकिट दिया.

मगर इस बार भी वह चुनाव जीतने में नाकामयाब रही. इसके बाद BJP ने उन्हें एक बार फिर अमेठी से ही लोकसभा चुनाव लड़वाया. 2019 के चुनाव में स्मृति ने राहुल गांधी को उनके ही गढ़ में शिकस्त दे दी. आपको बता दें कि स्मृति ईरानी फिलहाल भारत सरकार में कपड़ा मंत्रालय के अलावा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भी संभाल रही हैं. स्मृति ईरानी अपने भाषणों और पोलिटिकल मूव्स के लिए जानी जाती है.