नुपुर शर्मा मामले को लेकर मध्य प्रदेश में भी तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल के द्वारा दिए गए विवादित बयान का मामला अभी पूरी तरह शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली से शुरू हुई इस विरोध की आंच अब मध्यप्रदेश तक पहुंच गई है। जिसके बाद शुक्रवार को छिंदवाड़ा में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ और उज्जैन शहर को बंद करने का भी मामला सामने आया है।

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उज्जैन. नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल के द्वारा दिए गए विवादित बयान का मामला अभी पूरी तरह शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली से शुरू हुई इस विरोध की आंच अब मध्यप्रदेश तक पहुंच गई है। जिसके बाद शुक्रवार को छिंदवाड़ा में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ और उज्जैन शहर को बंद करने का भी मामला सामने आया है।

शहर को बंद कराने की सूचना को देखते हुए पुलिस हरकत में आई और सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखने के लिए शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती कर दी। हालांकि उज्जैन शहर काजी ने शहर बंद की बात को पूरी तरह अफवाह बताया और यह भी कहा है कि समाज की और से किसी भी प्रकार की रैली अथवा ज्ञापन का कार्यक्रम नहीं बनाया गया है।

शहर बंद की अफवाह
पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक उज्जैन के एक अज्ञात शख्स ने सोशल मीडिया पर रैली निकालकर शहर बंद की झूठी अफ़वाह फैलाने का काम किया था। जिसके बाद यह मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। पता चला कि यह मैसेज एक स्थानीय नेता द्वारा वायरल किया था। हालांकि बाद में उसने मांफी मांग ली है। बता दें कि मैसेज में लिखा गया था कि शहर की सभी मस्जिदों में जुमे की नमाज पढ़ने के बाद शहर को बंद कर दिया जाएगा। जिसके बाद लोग रैली बनाकर कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर ज्ञापन सौपेंगे।

उज्जैन पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि सोशल मीडिया पर कुछ भड़काऊ मैसेज वायरल हो रहे थे। जिसमें उज्जैन शहर बंद करने का ऐलान किया गया था। इसके चलते असामाजिक तत्व किसी प्रकार की हरकत न करें। इसलिए शहर में सुरक्षा बनाएं रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जो मैसेज सोशल मीडिया के जरिए वायरल किए गए थे। उससे शहर में अशांति और भय का माहौल पैदा हो गया था। इसी के चलते पुलिस व प्रशासन ने शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया है।

शहर काजी ने कही ये बात
शहर काजी खलिकुर्रहमान ने शहर बंद को झूठी अफवाह बताते हुए इसे खारिज कर दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि मुस्लिम समाज के लोगों ने इस तरह की किसी भी रैली अथवा ज्ञापन का कार्यक्रम नहीं बनाया है। किसी ने इस तरह की जानकारी सोशल मीडिया पर डालकर लोगों के बीच अफवाह फैलाने का काम किया है।