मिसाइल-मशीन गन से लैस, रडार को चकमा देने की क्षमता; देश को आज मिलेगा पहला स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर

LCH for Indian Air Force and, Indian Army: सरहद पर ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार खतरे का सामना कर रहे भारत को चीन-पाकिस्तान के खिलाफ आज एक बड़ा हथियार मिने जा रहा है.

the ability to dodge radar, armed with a missile-machine gun; The country will get the first indigenous combat helicopter today
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Light Combat Helicopter: चीन और पाकिस्तान से दोतरफा खतरे का सामना कर रहे भारत को आज एक खतरनाक अस्त्र मिलने जा रहा है. इस अस्त्र के मिलने के बाद भारतीय वायु सेना (IAF) और थल सेना दोनों की शक्ति कई गुणा बढ़ जाएंगी. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस खतरनाक अस्त्र को आज जोधपुर में दोनों सेनाओं को हैंडओवर करेंगे. इस उपलब्धि के साथ भारत रक्षा क्षमताओं के मामले में एक कदम और आगे बढ़ जाएगा.

चीन-पाकिस्तान का निकालेगा दम

अपने दो पड़ोसी दुश्मन देशों के गलत इरादों को ध्यान में रखकर तैयार किया यह अस्त्र लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर (LCH) है. बहुत कम वजन वाले ये हेलीकॉप्टर मिसाइल, मशीन गन और खतरनाक बमों से लैस हो सकते हैं. ये हेलीकॉप्टर रडार को भी चकमा देने में सक्षम हैं. इन हेलीकॉप्टरों को ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात करने के लिए डिजाइन किया गया है. ये मल्टी पर्पज हेलीकॉप्टर हैं और एक साथ कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल कर दुश्मन को धूल चटा सकते हैं.

आज जोधपुर में होगा मुख्य कार्यक्रम

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज जोधपुर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में इन हेलीकॉप्टरों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस मौके पर एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी भी मौजूद रहेंगे. इससे पहले रक्षा मंत्री ने रविवार को ट्वीट करके कहा, ‘मैं 3 अक्टूबर को देश के पहले हल्के लड़ाकू हेलिकाप्टरों (Light Combat Helicopter) को शामिल करने के समारोह में भाग लेने के लिए जोधपुर राजस्थान जाऊंगा. इन हेलिकॉप्टरों को शामिल करने से इंडियन एयर फोर्स के युद्ध कौशल को बढ़ावा मिलेगा. मैं ऐसा होता देखने के लिए उत्सुक हूं.’

रात में भी कर सकता है ऑपरेशन

सूत्रों के मुताबिक पहाड़ी इलाके में युद्ध के लिए तैयार किए गया LCH इससे पहले बने लड़ाकू हेलीकॉप्टर ध्रुव से मिलता-जुलता है. इसमें की ऐसी खासियतें जोड़ी गई हैं, जो पहले के हेलीकॉप्टर में नहीं थी. इसमें रात में हमला करने, इमरजेंसी में सुरक्षित उतरने, बख्तरबंद सुरक्षा प्रणाली और रडार से बचने की तकनीक जैसे कई साधन जोड़े गए हैं. इन लड़ाकू हेलीकॉप्टरों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने किया है. फिलहाल अभी ऐसे 15 हेलीकॉप्टर बनाए गए हैं. इनमें से 10 हेलीकॉप्टर इंडियन एयर फोर्स को और 5 हेलीकॉप्टर इंडियन आर्मी को मिलेंगे. स्वदेश विकसित इन हेलीकॉप्टरों की खरीद पर 3,887 करोड़ रुपये का खर्च आया है.