जिस अदानी अंबानी को दिन-रात कोसते हैं राहुल, राजस्थान में कर रहे सबसे ज्यादा निवेश

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता लगातार अडानी, अंबानी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते रहते हैं। राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार है, लेकिन अडानी, अंबानी ने कांग्रेस शासित राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार से राज्य में 1 लाख 68 हजार करोड़ के निवेश का वादा किया है।

The Adani Ambani whom Rahul curses day and night, is investing the most in Rajasthan
The Adani Ambani whom Rahul curses day and night, is investing the most in Rajasthan
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नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता लगातार अडानी, अंबानी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते रहते हैं। राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार है, लेकिन अडानी, अंबानी ने कांग्रेस शासित राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार से राज्य में 1 लाख 68 हजार करोड़ के निवेश का वादा किया है। ये जानकारी इंडियन एक्सप्रेस को आरटीआई के माध्यम से मिली है।

आरटीआई आवेदन के बाद राज्य के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (बीओआईपी) द्वारा प्रस्तुत किए गए डेटा से पता चलता है कि दो कॉरपोरेट घरानों (अडानी और अंबानी) ने दिसंबर 2021 और मार्च 2022 के बीच लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) / समझौता ज्ञापन (एमओयू) में राज्य सरकार से 1.68 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वादा किया था। राजस्थान में उद्योगपतियों द्वारा कुल 9,40,453 करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया गया है और इसमें केवल इन दो उद्योग घरानों का लगभग 18 प्रतिशत है।

आंकड़ों के अनुसार रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (1,00,000 करोड़ रुपये), अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (60,000 करोड़ रुपये), अडानी इंफ्रा लिमिटेड (5,000 करोड़ रुपये), अडानी टोटल गैस लिमिटेड (3,000 करोड़ रुपये) और अदानी विल्मर लिमिटेड (246.08 करोड़ रुपये) द्वारा दिसंबर 2021 और मार्च 2022 के बीच निवेश की प्रतिज्ञा की गई थी।

निवेश के वादे कांग्रेस शासित राज्य में आए हैं। इसके बावजूद पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र में भाजपा पर क्रोनी कैपिटलिज्म का आरोप लगाया। उन्होंने अडानी और अंबानी को भारतीय अर्थव्यवस्था में फैल रहे “डबल ए वेरिएंट” के रूप में संदर्भित किया और परिणामस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों में एकाधिकार का आरोप लगाया। उन्होंने पहले भी केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर इसी तरह का कटाक्ष किया था।

राज्य सरकार ने मूल रूप से इस साल जनवरी में एक ‘निवेश राजस्थान शिखर सम्मेलन’ आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन इसे कोविड -19 की स्थिति के कारण स्थगित कर दिया गया था। प्रस्तावित शिखर सम्मेलन से पहले राज्य के मुख्यमंत्री गहलोत ने गौत