केजरीवाल को खाने के लिए बुलाने वाले ऑटो चालक ने अब खुद को बताया पीएम मोदी का ‘प्रेमी’, कुमार विश्वास ने कसा तंज

AAP vs BJP: अरविंद केजरीवाल ने जब दत्तानी के घर जाकर भोजन किया था तो खास हंगामा मचा था. ऑटो-रिक्शा चालक के घर जाने से पहले केजरीवाल की सुरक्षा प्रोटोकॉल को कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई थी.

The auto driver who invited Kejriwal for food now called himself PM Modi's lover, Kumar Vishwas took a jibe
The auto driver who invited Kejriwal for food now called himself PM Modi's lover, Kumar Vishwas took a jibe
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Gujarat assembly elections 2022: गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए बहुत आक्रामक तरीके से प्रचार कर रहे आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जिस ऑटो चालक के घर पर खाना खाया था वह अब खुद को पीएम मोदी का समर्थक बता रहा हैं. दरअसल ऑटो चालक विक्रम दत्तानी अहमदाबाद में पीएम मोदी की एक जनसभा में बीजेपी की टोपी लगाकर पहुंच गए. दत्तानी ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह शुरुआत से ही पीएम मोदी प्रशंसक रहे हैं और बीजेपी को वोट देते आए हैं.

‘मैं आप का सदस्य नहीं’
केजरीवाल को अपने घर खाने पर बुलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझसे यूनियन वालों ने बोला था की केजरीवाल को आमंत्रण देना है इसलिए मैंने उन्हें घर पर खाने के लिए बुलाया. दत्तानी का कहना है कि जब उन्होंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया तो फिर उन्हें लेने तो जाना ही था. ऑटो चालक ने कहा कि वह पीएम मोदी के आशिक हैं और उनसे प्रभावित हैं. उन्होंने कहा कि वह आप के सदस्य नहीं है.

बता दें अरविंद केजरीवाल ने जब दत्तानी के घर जाकर भोजन किया था तो खास हंगामा मचा था. ऑटो-रिक्शा चालक के घर जाने से पहले केजरीवाल की सुरक्षा प्रोटोकॉल को कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई थी. दरअसल दिल्ली के मुख्यमंत्री पुलिसकर्मियों को अपने साथ ले जाने के लिए तैयार नहीं थे. पुलिसकर्मी केजरीवाल को दत्तानी के ऑटो में बैठकर जाने देने से भी मना कर रहे थे.

कुमार विश्वास ने कसा तंज
केजरीवाल के दत्तानी के घर में खान खाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं. लेकिन अब दत्तानी के बदले सुरों ने आप को बैकफुट पर ला दिया है. यह खबर सामने आने के बाद पूर्व आप नेता कुमार विश्वास ने तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘अपनी हर ग़ैर-मुनासिब सी जहालत के लिए, बारहा तू जो ये बातों के सिफ़र तानता है, छल-फरेबों में ढके सच के मसीहा मेरे, हमसे बेहतर तो तुझे,तू भी नहीं जानता है.’