देर रात भीषण हादसे से दहला उठा देश, दुर्गा पंडाल में लगी भीषण आग, 64 लोगों की…

यूपी के भदोही के औराई कोतवाली से कुछ दूर नरथुआं स्थित एकता दुर्गा पूजा पंडाल में रविवार रात करीब 8 बजे आरती के समय भीषण आग लग गई।

The country was shaken by the horrific accident late at night, a huge fire broke out in Durga Pandal, 64 people died.
The country was shaken by the horrific accident late at night, a huge fire broke out in Durga Pandal, 64 people died.
इस खबर को शेयर करें

भदोही। यूपी के भदोही के औराई कोतवाली से कुछ दूर नरथुआं स्थित एकता दुर्गा पूजा पंडाल में रविवार रात करीब 8 बजे आरती के समय भीषण आग लग गई। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे में एक बालक अंकुश सोनी (12) समेत चार की मौत हो गई और 64 से अधिक लोग झुलस गए। वाराणसी के मंडलीय अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला ने दम तोड़ा। हालांकि प्रशासन ने 12 वर्षीय बालक समेत दो की ही मौत की पुष्टि की है। झुलसने वालों में महिलाएं और बच्चे ज्यादा हैं। इन्हें सीएचसी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। यहां से 37 लोगों को वाराणसी रेफर कर दिया गया। इनमें 20 की हालत चिंताजनक है।

हादसे की सूचना मिलते ही डीएम-एसपी व अन्य अधिकारी और दमकल टीम मौके पर पहुंच गई। डीएम गौरांग राठी और एसपी डॉ. अनिल कुमार मौके पर बचाव कार्य की निगरानी करते और जरूरी निर्देश देते रहे। बाद में एडीजी जोन रामकुमार और विंध्याचल कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र भी पहुंचे। डीएम के मुताबिक, आशंका है कि शार्ट सर्किट से आग लगी है। दमकल टीम ने एक घंटे में आग पर काबू पाया।

पंडाल में चल रहा था डिजिटल शो
औराई-भदोही मार्ग पर नरथुआं स्थित एकता क्लब का पंडाल काफी आकर्षक होने से यहां नवरात्र में भीड़ जुटती है। रविवार रात करीब 8 बजे 150 से अधिक लोग पंडाल में मौजूद थे। लोग आरती में शामिल होकर जयकारा लगा रहे थे। पंडाल में डिजिटल शो भी चल रहा था। इसी दौरान अचानक आग लग गई। जिसे देख वहां भगदड़ मच गई। देखते ही देखते पूरा पंडाल धू-धूकर जलने लगा। मौके पर चीखपुकार मच गई। जिसे जिधर से रास्ता मिला भागने लगा।

घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 52 एंबुलेंस लगाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने झुलसने वालों की संख्या 60 से अधिक बताई है। मृतक अंकुर सोनी की मौत, गांव जेठूपुर औराई का रहने वाला है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दो अन्य मृतकों में युवती और एक साल का बच्चा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी से हादसे के बारे में जानकारी ली और झुलसे लोगों के बेहतर इलाज का प्रबंध करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने हादसे के तुरंत बाद राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए। एडीजी जोन रामकुमार ने कहा कि हादसे की जांच के लिए पुलिस-प्रशासन और फोरेंसिक एक्सपर्ट की संयुक्त टीम गठित की जा रही है।

घटना के कारण और लापरवाही के आरोपों की जांच की जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। घटना की जांच के लिए एडीजी राम कुमार ने चार सदस्य एसआईटी गठित कर दी है। इसमें अपर जिलाधिकारी(वि/रा), अपर पुलिस अधीक्षक, एक्सईएन हाईडिल और फायर सेफ्टी ऑफिसर शामिल हैं।

औराई के दुर्गा पूजा पंडाल की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया। शाम करीब आठ बजे जैसे आग लगी तो किसी को कुछ समझ में नहीं आया। करीब 20 मिनट बाद दमकल के वाहन मौके पर पहुंचे लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। सूचना पर भदोही और ज्ञानुपर से भी दमकल की गाड़ियां पहुंची। इधर झुलसे बच्चों और महिलाओं को अस्पताल ले जाने का सिलसिला शुरू हुआ। औराई के एंबुलेंस कम पड़ने पर जिला और मंडल से एंबुलेंस मंगाई गई।

उसके बाद झुलसे लोगों को सीएचसी औराई, सूर्या ट्रामा सेंटर सहित अन्य निजी अस्पतालों में पहुंचाया गया। आग से झुलसे बच्चों की चीख सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। घटना के बाद डीएम गौरांग राठी, एसपी डॉ. अनिल कुमार सहित पुरा पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। शाम आठ बजे से रात 11 बजे तक अस्पतालों में अफरातफरी की स्थिति बनी रही।

भदोही हादसे में झुलसे लोगों को इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, सर सुंदरलाल चिकित्सालय और कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में इलाज के लिए विशेष इमरजेंसी वार्ड और डॉक्टरों की टीम तैनात की गई। झुलसे लोगों को अस्पताल जल्द पहुंचाया जाए इसके लिए पुलिस कमिश्नरेट के द्वारा लंका से लगायत कबीरचौरा तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा अधिकारियों के साथ खुद बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे।

भदोही- औराई मार्ग पर स्थित दुर्गा पंडाल में भीषण आग ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। घटना में आयोजन समिति की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। पंडाल स्थल पर चलने वाले शो में प्रोजेक्टर के माध्यम से धार्मिक कार्यक्रम दिखाए जा रहे थे। गुफानुमा बने स्थल में आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है। आग लगने के बाद अंदर भगदड़ मच गई। इससे कई महिलाएं और बच्चे गिर गए। आग तेजी से फैली और उसके चपेट में सभी आ गए।