राजस्थान के झुंझुनूं जिले से जुड़ी हैं राकेश झुनझुनवाला की जड़ें

द बिग बुल, द किंग ऑफ दलाल स्ट्रीट, शेयर मार्केट के बेताज बादशाह और भारत के वारेन बफेट जैसे कई अन्य नामों से भी मशहूर राकेश झुनझुनवाला की दुनियाभर में पहचान है और ये वर्तमान में भारत की आर्थिक राजस्थानी मुम्बई में निवास कर रहे थे, मगर इनकी जड़े राजस्थान के झुंझुनूं जिले से जुड़ी हुई हैं।

The roots of Rakesh Jhunjhunwala are associated with Jhunjhunu district of Rajasthan.
The roots of Rakesh Jhunjhunwala are associated with Jhunjhunu district of Rajasthan.
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जयपुर। द बिग बुल, द किंग ऑफ दलाल स्ट्रीट, शेयर मार्केट के बेताज बादशाह और भारत के वारेन बफेट जैसे कई अन्य नामों से भी मशहूर राकेश झुनझुनवाला की दुनियाभर में पहचान है और ये वर्तमान में भारत की आर्थिक राजस्थानी मुम्बई में निवास कर रहे थे, मगर इनकी जड़े राजस्थान के झुंझुनूं जिले से जुड़ी हुई हैं। इसलिए इनका परिवार अपने नाम में झुनझुनवाला सरनेम लगाता है। इनका परिवार मारवाड़ी अग्रवाल बनिया है। आपकों बता दे की राकेश झुनझुनवाला ने 62 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 5 जुलाई 1960 को जन्‍मे राकेश झुनझुनवाला ने 14 अगस्‍त 2022 को मुम्‍बई में अंतिम सांस ली।

जयपुर की कंपनी में किया था निवेश
जयपुर की कंपनी राघव प्रोडक्टिविटी एन्हांसर्स लिमिटेड में राकेश झुनझुनवाला ने 31 करोड़ रुपए निवेश कियाा है। झुनझुनवाला 30.9 करोड़ रुपए के 6,00,000 कम्प्लसरी कंवर्टिबल डिबेंचर (सीसीडी) खरीदे, जो सीसीडी अलॉटमेंट की तारीख के 18 महीने बाद शेयरों में बदल गए।

पेशे से सीए थे राकेश झुनझुनवाला
पेशे से सीए राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो, शेयर चुनने का तरीका और नेटवर्थ से जुड़े ढेरों वीडियो व आर्टिकल इंटरनेट पर मिल जाएंगे, मगर राकेश झुनझुनवाला के नाम में झुनझुनवाला सरनेम के क्या मायने है? इस सवाल का जवाब बहुत कम लोगों के पास है।

इसलिए पड़ा झुनझुनवाला सरनेम
राजस्थान में कई लोगों के नाम के साथ खास सरनेम जुड़ा होता है, जो उनकी जाति की बजाय किसी जगह विशेष या परिवार के किसी खास सदस्य की पहचान होता है। जैसे सिंघानिया उद्योगपति मूलरूप से झुंझुनूं के सिंघाना कस्बे के हैं। उसी प्रकार से पीरामल समूह ने पीरामल सरनेम अपने दादा सेठ पीरामल के नाम से ले रखा है। इसी तरह से राकेश का परिवार मलसीसर से कानपुर जाकर बसा तो इन्हें झुंझुनूं जिले के होने के कारण झुनझुनवाला कहा जाने लगा था, जो बाद में इनका सरनेम बन गया।

मलसीसर के रहने वाले थे राकेश झुनझुनवाला
राकेश झुनझुनवाला मूलरूप से झुंझुनूं जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर स्थित मलसीसर कस्बे के रहने वाले थे। मलसीसर से राकेश झुनझुनवाला के दादा परिवार समेत उत्तर प्रदेश के कानपुर चले गए थे। वहां पर उन्होंने सिल्वर का कारोबार किया और सिल्वर किंग कहलाए।

झुंझुनूं की राणी सती में है गहरी आस्था
झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर श्री राणी सती दादी मंदिर है, जिसमें राकेश झुनझुनवाला के परिवार की भी गहरी आस्था है। इनका परिवार अक्सर राणी सती मंदिर आता रहता है। खुद राकेश झुनझुनवाला इसी साल जनवरी-फरवरी में यहां आए थे। राणी सती को अग्रवाल बनियों की कुलदेवी भी कहा जाता है। राकेश झुनझुनवाला की झुंझुनूं के रहने वाले जगदीश प्रसाद झाबर टीबरेवाला में रिश्तेदारी है।

पिता थे आईआरएस अधिकारी
राकेश झुनझुनवाला के पिता राधेश्याम झुनझुनवाला आईआरएस अधिकारी थे। हैदराबाद, कोलकाता व मुम्बई में आयकर आयुक्त के रूप में उन्होंने सेवाएं दी। हैदराबाद पोस्टिंग के दौरान 5 जुलाई 1960 को राकेश का जन्म हुआ।
राकेश झुनझुनवाला का परिवार
पिता-राधेश्याम झुनझुनवाला, इनकम टैक्स अधिकारी
माता – उर्मिला झुनझुनवाला, गृहिणी
पत्नी – रेखा झुनझुनवाला
बेटी – निष्ठा झुनझुनवाला
बेटा – आर्यमन झुनझुनवाला और आर्यवीर झुनझुनवाला
भाई – राजेश झुनझुनवाला,
बहन – सुधा गुप्ता, नीना सांगानेरिया